17 अक्टूबर 2020 - 10:21
पेरिस के निकट सड़क पर टीचर का सिर काटा गया, राष्ट्रपति ने बताया आतंकवादी हमला, पीछे की कहानी चौंकाने वाली!

फ्रांस की राजधानी पेरिस से 50 किलोमीटर की दूरी पर इतिहास के एक शिक्षक पर चाक़ू से हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गयी। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रां ने घटनास्थल का दौरा किया और इसे “ इस्लामी आतंकवादी” हमले का नाम दिया।

 इस हमले की आंतकवादी हमले के रूप में जांच का काम शुरु हो गया है। फ्रांस -24 ने बताया है कि इतिहास के टीचर पर हमला किया गया और फिर सड़क पर उसका सिर काट दिया गया।

फ्रांस -24 ने बताया है कि हमलावर ने मरने से पहले अल्लाहो अकबर का नारा लगाया था।

     फ्रांसीसी सूत्रों के अनुसार मारे जाने वाले इतिहास के टीचर ने अपनी क्लास में, मुसलमानों के पैगंबर, हज़रत मोहम्मद का अपमानजनक कार्टून दिखाया था जिस पर पैरेन्टस ने आपत्ति की थी और एक विवाद पैदा हो गया था।

     फ्रांस प्रेस ने बताया है कि घटना स्थल पर पुलिस जब पहुंची तो हत्या की जा चुकी थी और हमलावर 200 मीटर की दूरी पर लोगों को धमका रहा था जिसके बाद पुलिस ने फायरिंग की जिसमें हमलावर की मौत हो गयी।

     ट्वीटर पर मरने वाले के कटे सिर की फोटो पोस्ट की गयी जिसके बाद ट्वीटर ने वह एकाउंट बंद कर दिया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कटे हुए सिर का फोटो हमलावर ने खुद पोस्ट किया था या फिर किसी और ने?

     यह हमला चार्ली हेब्दू पत्रिका के कार्यालय के पास एक पाकिस्तानी युवा द्वारा किये गये हमले के तीन हफ्ते बाद हुआ है जिसमें कई लोग घायल हुए थे।

     इस हमले में पकड़े जाने वाले पाकिस्तानी हमलावर ने कहा था कि उसने यह हमला, पैग़म्बरे इस्लाम के अपमानजनक कार्टून प्रकाशित करने की वजह से किया है।

     याद रहे फ्रासं की पत्रिका चार्ली हेब्दू ने पिछले दिनों एक बार पैग़म्बरे इस्लाम का अपमान करने वाले कार्टूनों को छापा था जिन्हें पहली बार छापने के बाद सन 2015 में चार्ली हेब्दू के कार्यालय पर हमला हुआ था और 12 लोग मारे गये थे।

फ्रांस के राष्ट्रपति ने अपमानजनक कार्टूनों के प्रकाशन पर कहा था कि वह अपने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगा सकते।

याद रहे फ्रासं दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां होलोकास्ट की यहूदी कहानी पर शक प्रकट करना कानूनी रूप में अपराध है और इस पर कई लेखकों को सज़ा हो चुकी है।