राष्ट्रपति रूहानी ने बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान ने 4 वर्षों तक इस मामलें में अमरीका से संघर्ष किया है, कहा कि अमरीका 4 बरसों से कोशिश कर रहा है कि ईरान के खिलाफ लगाए गये यह प्रतिबंध हटने न पाएं लेकिन 18 अक्तूबर को अमरीका एक बार फिर हारेगा।
राष्ट्रपति रूहानी ने इस बात पर बल देते हुए कि हथियारों पर अन्यायपूर्ण प्रतिबंध को ईरानी जनता के प्रतिरोध की वजह से हटाया जा रहा है, कहा कि रविवार से ईरान जिससे चाहेगा हथियार खरीदेगा और जिसे चाहेगा हथियार बेचेगा।
राष्ट्रपति रूहानी ने इसी प्रकार अमरीका की निरंतर हार का उल्लेख करते हुए कहा अमरीका, ईरान, फिलिस्तीन, इराक़ और सीरिया के राष्ट्रों से भी हार चुुका है और आज तक उसे कोई भी सफलता नहीं मिली।
राष्ट्रपति रूहानी ने अफगानिस्तान, इराक़ और सीरिया सहित इलाक़े में अमरीका के अपराधों का उल्लेख किया और कहा कि अमरीकी इस दावे के साथ इलाक़े में आए थे कि वह दाइश का अंत करेगें लेकिन सब ने देखा कि वह कुछ नहीं कर पाए और इराक़ व सीरिया की बलिदानी जनता और हमारे जियालों ने युद्ध किया और दाइश का अंत कर दिया।
राष्ट्रपति रूहानी ने इसी तरह अमरीकी प्रतिबंधों से मुकाबले के लिए सरकार द्वारा उठाए गये क़दमों का उल्लेख कि और कहा कि पिछले एक महीने के दौरान, नान पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने इसी तरह बताया कि ईरान में निवेश की मांग में पिछले साल की तुलना में 37 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।