वाॅंग यी ने मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ से मुलाक़ात के बाद एक बयान जारी करके परमाणु समझौते के समर्थन पर एक बार फिर बल दिया है और सभी संबंधित देशों की उपस्थिति से पश्चिमी एशिया के इलाक़े के संकटों को हल करने के लिए एक नई सभा के गठन का प्रस्ताव दिया है। उनका कहना है कि दक्षिण पश्चिमी शहर टेंग चोंग में ईरानी विदेश मंत्री से हुई मुलाक़ात में दोनों पक्षों ने सन 2015 के परमाणु समझौते के अंतर्गत अपनी प्रतिबद्धताओं पर बल दिया और ग़ैर क़ानूनी रूप से इस समझौते से निकलने पर अमरीका की कड़ी आलोचना की।
चीनी विदेश मंत्री के बयान में कहा गया है कि बीजिंग चाहता है कि पश्चिी एशिया के क्षेत्र में सभी संबंधित देशों की सम्मिलिति से एक बहुपक्षीय सभा का गठन किया जाए तो इलाक़े की समस्याओं व संकटों के समाधान के लिए वार्ता का आयोजन कर सके। इस बयान के अनुसार पश्चिमी एशिया में सुरक्षा संबंधी संकटों के लिए वार्ता और कूटनैतिक व राजनैतिक समाधानों के माध्यम से यह सभा परस्पर समझ-बूझ के स्तर को ऊंचा उठाएगी। अभी इस संबंध में पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है।
चीन के विदेश मंत्री वाॅंग यी ने अपने बयान में एक बार फिर ईरान व दुनिया की बड़ी शक्तियों के बीच होने वाले परमाणु समझौते का समर्थन किया है और ज़ोर देकर कहा है कि मतभेदों के समाधान के लिए बीजिंग द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में शामिल होने की पूर्व शर्त, परमाणु समझौते का समाधान होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ अपने चीनी समकक्ष के निमंत्रण पर शनिवार को चीन पहुंचे जहां उन्होंने वाॅंग यी से वार्ता की और एक ट्वीट करके इस वार्ता को सार्थक व लाभदायक बताया।