11 अक्टूबर 2020 - 13:39
उत्तर कोरिया द्वारा नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रदर्शन, अमरीका के लिए चेतावनी

उत्तर कोरिया ने शनिवार को वर्कर्स पार्टी की 75वीं सालगिरह के मौक़े पर एक भव्य सैन्य परेड का आयोजन किया, जिसमें नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) का प्रदर्शन किया गया।

उत्त कोरिया के नेता किम जोंग-उन नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रदर्शन से वास्तव में वाशिंगटन को यह संदेश देना चाहते हैं कि प्योंगयांग लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाली मिसाइलों को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऐसा माना जाता है कि उत्तर कोरिया की यह नई मिसाइलें, दुनिया में लिक्विड-ईंधन से संचालित सबसे बड़ी आईसीबीएम हैं, जो अमरीका तक परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम हैं।

यह बात भी ध्यान योग्य है कि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले, उत्तर कोरिया ने अपने बहुत ही ख़तरनाक नए हथियारों का प्रदर्शन किया है।

कोरिया के लिए सीआईए के पूर्व उप प्रमुख ब्रूस क्लिंगनर का कहना है कि यह बहुत ही चिंताजनक है। उन्होंने यह कहा कि उत्तर कोरिया ने यह दिखा दिया है कि वह नई मिसाइलों के लिए और ज़्यादा तथा अधिक बड़े लांचर बनाने की क्षमता रखता है।

उन्होंने कहाः यह बहुत ही चिंताजनक है, क्योंकि उत्तर कोरिया अब अधिक आईसीबीएम तैनात करने में सक्षम होगा, जो इसे पहला परमाणु हमला करने या दूसरा जवाबी हमला करने में सक्षम बनाएगा।

सियोल स्थित एएसएएन इंस्टीट्यूट फ़ॉर पॉलिसी स्टडीज़ के वरिष्ठ शोधकर्ता गो मायोंग-ह्यून का कहना है कि यह ट्रम्प के लिए एक चेतावनी है, अगर वह फिर से चुनाव जीतकर आते हैं तो उन्हें फिर से उत्तर कोरिया के साथ बातचीत शुरू करनी होगी, और बाइडेन जीतते हैं तो उनके लिए यह संदेश है कि उत्तर कोरिया को अंतर्राष्ट्रीय नीति में सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए।

नई मिसाइलों के प्रदर्शन पर अमरीकी सरकार की प्रारंभिक प्रतिक्रिया बहुत ठंडी थी। पेंटागन के प्रवक्ता जॉन सपल ने कहा कि हमारा विश्लेषण जारी है और हम अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं। हम परेड से संबंधित रिपोर्टों से अवगत हैं।

2018 में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच हुई पहली शिखरवार्ता के बाद से उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रदर्शन नहीं किया था।

उत्तर कोरिया-अमरीका शिखरवार्ता के नाकाम होने के बाद से उत्तर कोरिया कई बार एलान कर चुका है कि वह अपनी परमाणु व रक्षा क्षमता को मज़बूत बनाता रहेगा। परेड में दिखाई गई नई मिसाइलें, उसके इसी संदेश की पुष्टि करने जैसा है।