उत्तर प्रदेश में इस समय हाथरस के अलावा बलरामपुर ज़िले में दलित युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला राजनीतिक दलों के लिए मुद़दा बना हुआ है।
हाथरस गैंग पीडि़ता के परिवार से मिलने पहुंचे आप सांसद संजय सिंह पर एक शख्स ने स्याही फेंक दी। इसके बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उस शख्स की पिटाई कर दी।
स्याही फेंकने वाले व्यक्ति को राष्ट्र स्वाभिमान दल का नेता बताया जा रहा है। स्याही फेंकने वाले शख्स को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उधर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने पीडि़ता के गांव के बाहर जमकर हंगामा मचाया। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज भी की।
संजय सिंह ने प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यूपी बेटियों के लिए क़ब्रगाह बनी चुकी है। उन्होंने पीडि़ता के परिवार को वाई श्रेणी सुरक्षा देने की मांग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की। भारी दबाव के बाद योगी सरकार ने हाथरस में पुलिस अधीक्षक समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया था और मामले की सीबीआई जांच कराने का आदेश दिया है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और बसपा प्रमुख मायावती ने हाथरस के ज़िलाधिकारी को हटाने और उस पर कार्यवाही की मांग की है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तो हाथरस में घटना के समय तैनात रहे सभी अफ़सरों के नार्को टेस्ट कराये जाने की मांग की है।
भाजपा के प्रमुख दलित नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने आरोप लगाया है कि विपक्ष हाथरस का सच सामने नहीं आने देना चाहता है और वह जातीय दंगा भड़काना चाहता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि जिसे विकास अच्छा नहीं लगा रहा है, वे लोग जातीय और सांप्रदायिक दंगा भड़काना चाहते हैं। दलित चिंतक बद्री नारायण का कहना है कि जो सत्ता में है उसको कार्यवाही करनी चाहिए और जो विपक्ष में है उसे आवाज़ उठानी चाहिए।
समाजवादी पार्टी भी दो अक्तूबर से आंदोलनरत है और उसका प्रतिनिधिमंडल हाथरस और बलरामपुर गया है। ज्ञात रहे कि हाथरस में 14 सितम्बर को दलित युवती के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया। पिछले मंगलवार को उसकी दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई।