5 अक्टूबर 2020 - 16:21
ट्रम्प के कोरोना पाज़िटिव होने से मिलने वाला सबक़...दुनिया के सारे झूठ एक सच्चाई को मिटा नहीं सकते

गर्डियन अख़बार ने लेखिका नसरीन मालिक का एक लेख प्रकाशित किया है जिसका शीर्षक है ट्रम्प के कोरोना पाज़िटिव होने से मिलने वाला सबक़...दुनिया के सारे झूठ एक सच्चाई को मिटा नहीं सकते।

लेखिका का मानना है कि हालिया दिनों अमरीकी राजनीति के मंच पर भयानक ड्रामा देखने में आया। इंसान अगर ग़ौर करे तो लगेगा कि यह अविश्वस्नीय है।

सुप्रीम कोर्ट की जज की इच्छा थी कि राष्ट्रपति चुनाव हो जाने के बाद ही उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति की जाए मगर इस इच्छा को नकारने के लिए वाइट हाउस में धुरंधरों की भीड़ एकत्रित हुई। वाइट हाउस के रोज़ गार्डन में एकत्रित अमरीकी राजनेता एक दूसरे पर झुके जा रहे थे और कानाफूसी का बाज़ार गर्म था। यह कोई राजनैतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जीत का कोई जश्न नज़र आ रहा था।

बारेथ

 

लेखिका का कहना है कि ट्रम्प से क़रीब लोग सुप्रीम कोर्ट की जज के रूप में ट्रम्प द्वारा नामित एमी कोनी बारेथ के सम्मान में एकत्रित हुए थे। सबके चेहरे खिले हुए थे, जवाबदेही का कोई डर नहीं था और न ही नैतिक दबाव का कहीं कोई नामो निशान था। हालांकि वह सब सुप्रीम कोर्ट की दिवंगत जज रथ बाडर जिन्ज़बर्ग की इच्छा का उपहास करने के लिए एकत्रित हुए थे।

जिन्ज़बर्ग

 

इस पूरे ड्रामे में अचानक नया मोड़ा उस समय आ गया जब यह पता चला कि राष्ट्रपति ट्रम्प और उनके सर्कल में शामिल कम से कम 7 लोग कोरोना पाज़िटिव हो गए हैं। वाइट हाउस में ट्रम्प के क़रीब रहने वाले दूसरे लोगों के भी कोरोने से संक्रमित होने की ख़बरे लगातार आ रही हैं। कोरोना वायरस की महामारी जिसे ट्रम्प ने मज़ाक़ में उड़ाने की कोशिश की थी अब दुनिया के सबसे ताक़तवर कहे जाने वाले व्यक्ति को अपनी चपेट में ले चुकी है।

ट्रम्प का पूरा टर्म एक सबक़ है। ट्रम्प की बीमारी भी तौरैत की कहानियों के समान है। जो फ़िरऔन यह कहता था कि वह ख़ुदा है और ख़ुद को हर दंड से ऊपर समझता था आख़िरकार महामारी की चपेट में आ गया।