इस्राईली अख़बार हारेट्ज़ की रिपोर्ट के मुताबिक़, कोरोना वायरस फैलने से पहले तक नेतनयाहू इसे गंभीरता से नहीं ले रहे थे और उनकी सरकार ने इससे निपटने के लिए कोई तैयारी नहीं की।
ग़ौरतलब है कि इस्राईल में कोरोना के 2,17899 मामने सामने आ चुके हैं और 412 लोगों की जान जा चुकी है।
इस्राईल में कोरोना की दूसरी लहर जारी है, जो पहली लहर से कहीं ज़्यादा घातक साबित हो रही है।
इस्राईल की डेमोक्रेसी संस्था द्वारा करवाए गए एक सर्वे के मुताबिक़, नेतनयाहू से अधिकांश लोगों का भरोसा उठ चुका है और उन्हें उम्मीद नहीं है कि वह अब इस महामारी पर क़ाबू पा सकते हैं।
इस्राईल के हदासा अस्पताल के प्रमुख ज़ियो रोटिश्टाइन ने अपने एक लेख में लिखा है कि कोरोना से निपटने में नेतनयाहू की रणनीति के नतीजे में इस्राईल का स्वास्थ्य सिस्टम ध्वस्त हो जाएगा।