20 सितंबर 2020 - 16:54
एक नई सुरंग के निर्माण के बाद, भारतीय सैनिक सिर्फ़ 10 मिनट में चीन की सीमा तक पहुंच जायेंगे

भारत ने विवादित हिमालयी क्षेत्र में बुनियादी ढांचा कार्यक्रम के तहत, एक सुरंग के निर्माण के काम को आगे बढ़ाने का फ़ैसला लिया है, ताकि हर तरह के मौसम में वह अपने सैनिकों को सिर्फ़ दस मिनट में चीन से लगने वाली सीमा तक पहुंचा सके।

हिमाचल प्रदेश राज्य में 400 मिलियन डॉलर की लागत से बनने वाली सुरंग, भारतीय सैनिकों को 50 किलोमीटर लम्बे पहाड़ी रास्ते को इस्तेमाल किए बिना, चीनी सीमा तक पहुंचने में सक्षम बनाएगी, जो सर्दियों में बर्फ़ से ठका रहता है।

इस सुंरग का निर्माण, 3,000 मीटर की ऊंचाई पर किया जाएगा, जिससे 4 घंटे का समय बचेगा, और यह दूरी सिर्फ़ 10 मिनट में तय कर ली जाएगी।

दूसरी ओर, माना जा रहा है कि भारत सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के अंदर क़रीब 15 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने के प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक तौर पर अपनी मंज़ूरी दे दी है। इस सुरंग के ज़रिए भी चीन सीमा तक बिना बाधा आवाजाही सुनिश्चित हो पाएगी।

चीन के साथ जारी तनाव के दौरान, ब्रह्मपुत्र नदी भारतीय रक्षा विशेषज्ञों के लिए चिंता की एक बड़ी वजह बन रही है, क्योंकि इस नदी की वजह से असम का उत्तरी हिस्सा और अरुणाचल प्रदेश का पूरा उत्तर-पूर्वी हिस्सा चीन की सेना की ज़द में है।

चीन ने 1962 की जंग के बाद से इस पूरे इलाक़े में तेज़ी से अपनी पैठ मज़बूत की है।

बीआरओ के प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में बनने वाली सुंरग और दूसरे बुनियादी ढांचे से सेना को काफ़ी सुविधा प्राप्त हो जाएगी।