ये धमाके शुक्रवार तड़के हुए, जिससे जॉर्डन का ज़र्क़ा शहर दहल गया। शुरुआत की रिपोर्ट में किसी के मारे जाने की कोई ख़बर नहीं है। प्रशासन का कहना है कि ये धमाके क़रीब के गोला बारूद डिपो में लगता है शार्ट सर्किट से हुए हैं।
अभी रात बाक़ी थी कि जॉर्डन के दूसरे सबसे बड़े शहर के पूरब में रेगिस्तानी इलाक़े में आसमान के ऊपर नारंगी रंग के बड़े बड़े शोले उठते हुए नज़र आए।
रिपोर्ट के मुताबिक़, ये शोले इतने बड़े थे कि राजधानी अम्मान से भी दिखाई दे रहे थे, जबकि घटनास्थल से अम्मान 35 किलोमीटर दूर दक्षिण-पश्चिम में है।
जॉर्डन के सरकारी प्रवक्ता अमजद अदैला, ने बताया कि धमाके, सशस्त्र बल के डिपो में हुए जहां इस्तेमाल न हुए मॉर्टर बम रखे हुए थे। अभी तक किसी के घायल होने की रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि शुरुआत की जाँच से लगता है कि ये धमाके, सेना के हथियारों के डिपो में शॉर्ट सर्किट से हुए। यह डिपो ग़ैर आबाद इलाक़े में, कैमरे की नज़र में है।
जॉर्जन की सेना ने इस बात को क़ुबूल किया कि ज़र्क़ा के क़रीब उसके गोला बारूद के एक डिपो में धमाके हुए जहां उन्हें नाकारा बनाया जा रहा था।
जॉर्डन की सेना ने अपने बयान में कहा कि धमाके का कारण स्पष्ट करने के लिए एक कमेटी बिठायी गयी है।
ग़ौरतलब है कि जॉर्डन के ज़र्क़ा शहर के पास जिस जगह ये धमाके हुए हैं, वहाँ अमरीका की कई सैन्य छावनियां हैं। 2018 में बनायी गयी हवाई छावनी भी इसी जगह है।
पत्रकारों को घटना स्थल जाने से रोक दिया गया।
ज़र्क़ा के एक निवासी ने रोयटर्ज़ को बतायाः “ऐसा लगा जैसे भूंचाल आ गया हो। हमारी खिड़कियाँ हिलने लगीं, शीशे टूट गए। हमारे बच्चे ज़ोर ज़ोर से रोने लगे।”