घोटकी ज़िले से संबंध रखने वाले ये दो हिन्दु परिवार पिछले साल भारत पलायन कर गए थे जहाँ उन्हें भेदभाव सहित ज़ुल्म का सामना हुआ जिसकी वजह से वह अपने वतन आने पर मजबूर हुए।
ये दोनों परिवार वाघा सीमा से पाकिस्तान पहुंचे जहां से उन्हें सिंध में घोटकी ज़िले में उनके वतन पहुंचाया गया।
घोटकी पहुंचने पर हिन्दु परिवारों ने उनका शानदार स्वागत किया और उन पर फूल न्योछावर किए।
उनका कहना था कि उन्होंने अपनी ख़ुशी से भारत पलायन किया था लेकिन वहाँ ख़ुद को असुरक्षित पाकर वापस पाकिस्तान आ गए और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को सभी अधिकार हासिल हैं।
परिवार के एक शख़्स ने कहा कि वहाँ हमें नफ़रत से देखा जाता था और दूसरी बहुत सी मुश्किलें थी, जिससे तंग आकर वतन वापसी का फ़ैसला किया और यहाँ आकर बहुत ख़ुशी हो रही है।
स्थानीय मुखी शेवक राम ने मीडिया से कहा कि प्रभावित परिवार जिन मुश्किलों की वजह से भारत गए थे, लेकिन वहाँ इन्हें किसी तरह की सुरक्षा नहीं मिली, अब हमें चाहिए कि इनके उन मामलों को हल करें जिनकी वजह से ये परिवार भारत चले गए थे।
उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ़ नाम का सेक्युलर है, वहाँ प्रजातंत्र है और न ही धार्मिक आज़ादी।