ईरानी सेना के संयुक्त सैन्य अभ्यास ज़ुल्फ़िक़ार-2020 का मुख्य चरण गुरुवार की सुबह शुरु हो गया।
या सैयदुश्शोहदा, दक्षिणी ईरान में जारी संयुक्त सैन्य अभ्यास का कोड है और रक्षा शक्ति की छाया में स्थाई सुरक्षा की स्थापना, इन सैन्य अभ्यासों का स्लोगन है।
ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग के जारी बयान के अनुसार सैन्य अभ्यासों के दौरान थलसेना के ख़ातमुल अंबिया एयर डिफ़ेंस मुख्यालय के रडार सिस्टम ने बहुत ही ऊंचाई पर तेज़ रफ़्तारी के साथ उड़ान भरने वाले काल्पनिक दुश्मन के विमान का पता लगाने के बाद उसे शलमचा नामक आधुनिक मीज़ाइल से निशाना बनाकर तबाह कर दिया।
सैन्य अभ्यास के प्रवक्ता कोमोडोर शहराम ईरानी ने बताया कि ज़ुल्फ़िक़ार-2020 सैन्य अभ्यास के दौरान छोटे से छोटे उड़ाने वाले लक्ष्यों को भी सैन्य अभ्यास के क्षेत्र में घुसने से रोकने और उसे अपने नियंत्रण में लेकर वांछित स्थान पर उतारने का भी अभ्यास किया गया।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर विदेशी शक्तियों के जहाज़ों और ड्रोन विमानों को सैन्य अभ्यास के क्षेत्र से दूर रहने का निर्देश दिया गया और उन्हें कई चेतावनियां भी जारी की गयीं।
ज़ुल्फ़िक़ार-2020 सैन्य अभ्यास के प्रवक्ता के अनुसार सैन्य अभ्यास के दौरान क्षेत्रीय और विदेशी सेनाओं की गतिविधियों पर भी पूरी नज़र रखी जा रही है और आवश्यक तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सैन्य रणनीति की समीक्षा की जा रही है।
कोमोडोर शहराम ईरानी ने बताया कि वायु सेना और नौसेना के दस्ते, सुमद्री और हवाई गश्त में व्यस्त हैं और उन्होंने विदेशी सैनिकों को सैन्य अभ्यास की सीमाओं से बाहर रहने की चेतावनी जारी कर दी है।
उन्होंने कहा कि ईरान की वायु सेना के पी-3एफ़ और एफ़-27 विमानों के अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के जासूस विमान भी अभ्यास वाले क्षेत्र में निरंतर उड़ान भर रहे हैं।
संयुक्त सैन्य अभ्यास के प्रवक्ता ने बताया कि ईरानी सेना के संबंधित दस्ते, अमरीकी ड्रोन विमानों की जासूसी की गतिविधियों पर भी नज़र रखे हुए है और अनेक ड्रोन विमान हमारी चेतावनियों के बाद क्षेत्र से फ़रार होने पर मजबूर हुए।
ज्ञात रहे कि ईरानी सेना का संयुक्त सैन्य अभ्यास हुर्मुज़ स्ट्रेट के पूर्वी किनारे से शुरु होकर उत्तरी हिन्द महासागर के 2000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में 10 डिग्री के एक्सिस में अंजाम पा रहा है।