7 सितंबर 2020 - 13:25
प्रस्ताव नंबर 2231 का उल्लंघन, परमाणु समझौते में ईरान की उपस्थिति का अंत होगाः विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अगर परमाणु समझौते के किसी भी सदस्य ने किसी भी तरीक़े से सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 का उल्लंघन करने की कोशिश की तो यह इस समझौते में ईरान की उपस्थिति के अंत के अर्थ में होगा।

सईद ख़तीबज़ादे ने सोमवार को अपने साप्ताहिक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि मंगलवार को भारत के विदेश मंत्री कुछ घंटे के लिए ईरान का दौरा करेंगे और विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ से मुलाक़ात करेंगे। उन्होंने कोसोवो व सर्बिया द्वारा अपना दूतावास बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने के बारे में कहा कि ईरान ने हमेशा सर्बिया व कोसोवो के बीच विवाद को सुलझाने का समर्थन किया है और बैतुल मुक़द्दस में दूतावास स्थानांतरित करना, अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन है और विश्व समुदाय इसका साथ नहीं देगा।

 

प्रवक्ता ने एक सवाल के जवाब में कहा कि ट्रम्प सरकार के नेतृत्व में अमरीका सभी अंतर्राष्ट्री समझौतों से निकल गई है और यह सरकार एक उद्दंडी सरकार में बदल चुकी है। ख़तीबज़ादे ने ईरान पर लगे हथियार संंबंधी प्रतिबंधों की समाप्ति को एक हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करने के अंग्रेज़ रक्षा मंत्री के बयान के बारे में कहा कि अब तक ब्रिटेन ने जो कुछ किया है वह परमाणु समझौते के अन्य सदस्यों के समन्वय से किया है और ब्रिटेन को मालूम है कि वह परमाणु समझौते के प्रति उत्तरदायी है।

 

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर किसी पक्ष ने किसी भी तरीक़े से सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 या परमाणु समझौते के अंतर्गत अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करने की कोशिश की तो यह परमाणु समझौते में ईरान की उपस्थिति के अंत के अर्थ में होगा और वे यह बात जानते हैं और निश्चित रूप से वे इस समझौते से खिलवाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे।