रूस के रक्षा मंत्री सरगेई शोइगू ने रविवार को रूस के सरकारी टीवी चैनल पर बात करते हुए उल्लेख किया कि रूस को लेकर नाटो ने अपनी युद्ध की रणनीति में बड़ा बदलाव किया है।
शोइगू का कहना था कि नाटो की वायु सेनाओं की निगरानी और प्रशिक्षण उड़ानों में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके तहत रूस की सीमाओं और वायु सुरक्षा प्रणाली की निगरानी की जा रही है। अगस्त 2019 की तुलना में इस साल अगस्त के महीने में नाटो की इस तरह की गतिविधियों में क़रीब 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
रूसी रक्षा मंत्री कहना था कि नाटो के लड़ाकू विमान हवाई हमलों का अभ्यास कर रहे हैं और लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए मिसाइलों से नक़ली लक्ष्यों को निशाना बनाया जा रहा है।
पिछले कुछ हफ़्तों के दौरान, रूसी सीमा पर कई बार रूस और नाटो के लड़ाकू विमानों का आमना सामना हुआ है। ताज़ा घटना शुक्रवार को उस वक़्त घटी, जब परमाणु बम ले जाने की क्षमता वाले अमरीकी वायु सेना के 3 बमवर्षक B-52H रूसी सीमा के निकट पहुंच गए। रूस के 8 लड़ाकू विमानों ने अमरीकी जेट्स का पीछा किया और उन्हें अपनी सीमा से दूर भगा दिया।
अगस्त के आख़िर में भी रूस के Su-27 ने बाल्टिक सागर पर एक अमरीकी जेट B-52H का पीछा किया था।
नाटो के एक दूसरे सदस्य देश डेनमार्क ने अमरीकी जेट का पीछा करने वाले रूसी जेट द्वारा अपनी वायु सीमा के उल्लंघन की शिकायत की है, हालांकि मास्को ने इस शिकायत को ख़ारिज करते हुए कहा है कि रूसी जेट ने अंतरराष्ट्रीय वायु क्षेत्र में अमरीकी जेट का पीछा किया था।