5 सितंबर 2020 - 14:08
'फ़्रांसीसी कुत्ते, भौंकना बंद करो' शार्ली हेब्दो द्वारा पैग़म्बरे इस्लाम के अपमानजनक कार्टून के पुन प्रकाशन पर भड़के मुसलमान

​​​​​​​फ़्रांसीसी पत्रिका शार्ली हेब्दो द्वारा पैग़म्बरे इस्लाम (स) के अपमानजनक कार्टूनों को फिर से प्रकाशित करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ पाकिस्तान समेत दुनिया भर के मुसलमानों में रोष पाया जाता है।

पाकिस्तान में फ़्रांसीसी पत्रिका के इस अपमानजनक क़दम के ख़िलाफ़ गुरुवार को शुरू हुए प्रदर्शन, शुक्रवार तक लाहौर और इस्लामाबाद समेत अन्य शहरों में फैल गए।

प्रदर्शनकारियों ने फ़्रांसीसी ध्वज को आग लगाई और "फ़्रांसीसी कुत्ते, भौंकना बंद करो" जैसे नारे लगाए।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने पहले ही एक बयान जारी करके शार्ली हेब्दो के इस अपमानजनक क़दम की निंदा की थी और यूरोपीय देशों पर जानबूझकर, मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

बयान में कहा गया है कि ऐसे अपराध को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता, जिससे एक अरब से भी ज़्यादा मुसलमानों की भावनाएं आहत होती हैं।

शार्ली हेब्दो ने 2006 और 2012 में भी इस तरह के अपमानजनक कार्टून प्रकाशित किए थे और एक बार फिर 2 सितंबर को अपने एक विशेष संस्करण में कुछ कार्टूनों को पुनः प्रकाशित किया है।

जनवरी 2015 में पत्रिका के पेरिस स्थित कार्यालय पर चरमपंथी हमला हुआ था, पत्रिका ने हमले में शामिल संदिग्ध हमलावरों के ख़िलाफ़ मुक़दमा शुरू होने की पूर्व संध्या पर इन अपमानजनक कार्टूनों को फिर से प्रकाशित किया।

फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने शार्ली हेब्दो के इस क़दम की निंदा करने से इनकार कर दिया और इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी बताते हुए दावा किया कि उन्हें इस बारे में निर्णय लेने का अधिकार नहीं हैं।

बुधवार को तुर्क विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके फ़्रांसीसी पत्रिका के इस क़दम की कड़ी आलोचना की और कहा कि इस मुद्दे पर मैक्रॉन सरकार का पक्ष अस्वीकार्य है।