1 सितंबर 2020 - 12:49
ईरानी जनता के ख़िलाफ़ प्रतिबंध व दबाव की नीति विफल हो कर रहेगीः ईरान की सरकार

ईरान की सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरानी जनता के ख़िलाफ़ प्रतिबंध व दबाव की नीति की विफलता के चिन्ह, अमरीकी अधिकारियों के चेहरों पर देखे जा सकते हैं और जल्द ही वाॅशिंग्टन को एक यादगार हार का सामना करना पड़ेगा।

अली रबीई ने मंगलवार को एक पत्रकार सम्मेलन में इस बात पर बल देते हुए कि अमरीका के पास ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध का कोई नया हथकंडा नहीं है, कहा कि एक ओर ईरानी जनता के राष्ट्रीय संकल्प और दूसरी तरफ़ अमरीका के विश्व स्तर पर अलग-थलग पड़ जाने से अधिकतम दबाव का सामना ख़ुद अमरीका को ही करना पड़ रहा है। उन्होंने अमरीका की ओर से ट्रिगर मेकेनिज़म को सक्रिय करने की कोशिशों की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि अमरीका के दावे का कोई क़ानूनी आधार नहीं है और वाॅशिंग्टन अब परमाणु समझौते का सदस्य भी नहीं है कि वह अपने तौर पर इस समझौते के किसी बिंदु से ग़लत लाभ उठाना चाहे।

 

ईरानी सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि वाॅशिंग्टन ने अधिकतम दबाव की नीति के विफल रहने से बौखला कर प्रस्ताव नंबर 2231 के संबंध में बड़ा बचकाना और धमकी भरा तर्क पेश किया है जिसे दुनिया के लगभग किसी भी देश ने नहीं माना है। अली रबीई ने सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव और परमाणु समझौते के किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर ईरान की प्रतिक्रिया के बारे में कहा कि इस बारेे में देश की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद समय पर फ़ैसला करेगी। उन्होंने 20 सितम्बर को ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिबंधों की बहाली के बारे में अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के दावे के बारे में कहा कि अमरीका को अब तक संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में दो शर्मनाक हार का सामना हो चुका है और ये प्रतिबंध सिर्फ़ अमरीकी विदेश मंत्री की काल्पनिक दुनिया में ही बहाल होंगे।