दिल्ली की अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा है कि इन लोगों के ख़िलाफ़ किसी तरह का कोई प्रमाण नहीं है। आरोपमुक्त किए गए आठ लोगों में से दो इंडोनेशिया, दो थाईलैंड और किर्गिस्तान, नाइजीरिया, क़ज़ाक़िस्ता व जार्डन से एक एक व्यक्ति शामिल है। इस साल मार्च में दिल्ली के निज़ामुद्दीन के इलाक़े में तब्लीग़ी जमात के मरकज़ के कार्यक्रम में शामिल होने और कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के दिशा निर्देश का उल्लंघन करने के आरोप में अनेक विदेशी नागरिकों के ख़िलाफ़ वीज़ा नियमों के उल्लंघन, लापरवाही और सामाजिक दूरी के उल्लंघन के आरोप तय किए किए गए थे।
दिल्ली न्यायालय ने इन विदेशी नागरिकों के ख़िलाफ़ लगे वीज़ा उल्लंघन के आरोपों के ख़ारिज कर दिया। अदालत ने इन पर लगे तब्लीग़ी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने के आरोप भी ख़ारिज कर दिए गए। अदालत ने कहा कि इस बात के सबूत नहीं है कि इन आठ नागरिकों ने उस दौरान मरकज़ के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह बिना आरोपों के अपने देश वापस लौटने वाला विदेशी नागरिकों का पहला समूह होगा। इससे पहले ट्रायल अदालत ने 911 विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने का आदेश दिया था जबकि 44 विदेशी नागरिकों ने मुक़द्दमे का सामना करने का फ़ैसला किया था। हाल ही में मुंबई उच्च न्यायालय ने एक टिप्पणी में कहा है कि तब्लीग़ी जमात को बलि का बकरा बनाया गया है।