24 अगस्त 2020 - 13:38
नाइजीरिया में अज़ादारी कर रहे शिया मुसलमानों पर एक बार फिर पुलिस की बर्बरता, तीन लोग शहीद, दर्जनों घायल

नाइजीरिया में इमाम हुसैन का ग़म मनाने वाले शिया मुसलमानों पर पुलिस के हमले में कम से कम तीन लोग शहीद और दर्जनों घायल हो गए हैं।

यह लोग उत्तरी राज्य कादूना में इस्लामी कैलेंडर के मोहर्रम के महीने में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत का ग़म मना रहे थे। इस शोक सभा का आयोजन नाइजीरिया इस्लामी आंदोलन ने किया था।

नाइजीरिया इस्लामी आंदोलन के संस्थापक आयतुल्लाह शेख़ इब्राहीम ज़कज़की 2015 से जेल में बंद हैं।

दिसम्बर 2015 में नाइजीरियाई सुरक्षा बलों ने शेख़ ज़कज़की के घर और एक इमामबाड़े पर हमला करके उनके तीन बेटों समेत सैकड़ों अज़ादारों को शहीद कर दिया था।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, शनिवार को पुलिस ने अज़ादारी कर रहे शिया मुसलमानों पर बर्बरतापूर्ण हमला कर दिया और तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

2016 में नाइजीरियाई हाई कोर्ट द्वारा शेख़ आयतुल्लाह शेख़ ज़कज़की को सभी आरोपों से बाइज्ज़्त बरी करते हुए उन्हें तुरंत आज़ाद करने का आदेश दिया था, लेकिन सरकार ने कोर्ट के आदेश को मानने से इनकार कर दिया।

नाइजीरियाई सरकार शेख़ ज़कज़की के समर्थन में निरंतर होने वाले धरना प्रदर्शनों को भी नज़र अंदाज़ करती रही है। लोगों का कहना है कि सरकार सऊदी अरब और इस्राईल के दबाव में शिया मुसलमानों के साथ कठोर बर्ताव करते हुए उनके मूल अधिकारों का हनन कर रही है।