अमरीका में चुनावों के नतीजों में गड़बड़ी की पहली निशानी, सन 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे में रूस की भूमिका की ख़बरें सामने आई थीं जिसमें डोनल्ड ट्रम्प जीते थे। अलबत्ता पिछले कई साल से रूस के साथ डोनल्ड ट्रम्प की सरकार के संबंधों को नियंत्रित करने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जाते रहे हैं। आजकल फिर इसी तरह की बातें सामने आ रही हैं कि अमरीका के अगले राष्ट्रपति चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप किया जा सकता है। इससे पता चलता है कि अमरीका के चुनावी तंत्र पर से भरोसा तेज़ी के साथ उठता जा रहा है।
अमरीका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि मतदान के अगले दिन होने वाली मतगणना में विदेशी हस्तक्षेप उनकी सबसे बड़ी चिंता है। अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा केंद्र के अधिकारी बेल ईवानिया ने कहा है कि नवम्बर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में रूस, चीन व अन्य देशों के हस्तक्षेप के बारे में चिंताएं पाई जाती हैं लेकिन उन्हें चुनाव वाले दिन के बारे में अधिक चिंता है। उनका कहना था कि विदेशी खिलाड़ी संभव है कि कंप्यूटर वायरसों और साइबर हमलों के ज़रिए चुनाव, मतदान केंद्रों से मतपेटियों को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और मतगणना की प्रक्रिया को बाधित कर दें।
अलबत्ता अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अपने ताज़ा बयान में जो बात कही है वह इस देश में चुनाव परिणामों को पूरी तरह से असमंजस की स्थिति में डाल सकती है। फ़्रान्स प्रेस के अनुसार ट्रम्प ने कहा कि तीन नवम्बर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम की घोषणा में कई हफ़्ते या कई महीने लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि कभी भी इस बात की अपेक्षा मत रखिए कि मतगणना तीन नवम्बर को ही हो जाएगी बल्कि मुझे लगता है कि इसके लिए कई हफ़्तों या महीनों का समय दरकार होगा और यह भी हो सकता है कि हमें कभी पता ही नहीं चल पाए कि चुनाव किस तरह समाप्त होते हैं।
फ़्रान्स प्रेस ने ट्रम्प के इस बयान की समीक्षा करते हुए कहा है कि अमरीका में पोस्टल वोटिंग, इस देश में चुनावों के आयोजन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इस रिपोर्ट के अनुसार पांच करोड़ पोस्टल वोटों की धीमी गिनती, अमरीका में राजनैतिक संकट खड़ा कर सकती है और इस प्रकार की चुनावी चुनौतियां पैदा कर सकती है जिससे राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों की घोषणा में विलंब की आशंका बढ़ सकती है। अलबत्ता अधिकतर सर्वेक्षणों में ट्रम्प को जो बाडइन के मुक़ाबले में कम वोट मिलने की बात कही गई है जिससे इस आशंका को बल मिल रहा है कि अमरीकी राष्ट्रपति अपने देश में चुनावी खेल के नियमों को मानने से इन्कार कर देंगे।
ट्रम्प ने दावा भी किया है कि डेमोक्रेट्स ने चुनाव के परिणामों में फेर-बदल के लिए कोरोना महामारी के फैलाव के बहाने पोस्टल वोटिंग का समर्थन किया है लेकिन उन्होंने इसी के साथ यह भी कहा है कि एक सिस्टमेटिक समस्या भी पाई जाती है और देश पांच करोड़ पोस्टल वोटों के लिए तैयार नहीं है। इससे देश में एक बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा और यह प्रजातंत्र के लिए एक गंभीर समस्या है।