17 अगस्त 2020 - 14:31
भारत में फेसबुक पर हंगामा, अब दी सफायी, अमरीका में भी सत्तापक्ष का साथ देने का आरोप लग चुका है फेसबुक पर

फेसबुक ने भाजपा नेताओं के लिए अपने नियमों की अनदेखी करने और ढील देने के आरोपों के बीच सोमवार को सफाई दी है

 फेसबुक  के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि पूरे दुनिया में हमारी नीतियां एक जैसी हैं, हम पार्टियों की राजनीतिक पोज़ीशन नहीं देखते, हम किसी की भी राजनीतिक पार्टी की संबद्धता के बिना नफरत फैलाने वाले भाषण  और कंटेंट को बैन करते हैं।

भारत में अमरीकी समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जनरल की उस रिपोर्ट के बाद हंगामा मचा जिसमे कहा गया था कि फेसबुक ने भाजपा की नाराज़गी के डर से, उसके नेताओं  की हेट स्पीच को जानबूझ कर अनदेखा किया।

भारत की कांग्रेस पार्टी ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देकर इस मामले की जांच संयुक्त संसदीय कमेटी से कराने की मांग की है।

फेसबुक प्रवक्ता ने कहा हम निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए नियमों को अधिक धारदार बना रहे हैं।

वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार भारत के प्रधानमंत्री मोदी की कट्टरपंथी पार्टी भाजपा के नेता राजा सिंह के ख़िलाफ़ कार्यवाही न करने की बात उस समय सामने आई जब भारत में फ़ेसबुक की उच्च जन नीति की कार्यकारी अधिकारी अंखी दास ने राजा सिंह और अन्य तीन चरमपंथी हिंदू नेताओं पर नफ़रत फैलाने संबंधी क़ानून लागू करने का विरोध किया जबकि इन नेताओं ने नफ़रत भड़काई और इसमें हिस्सा लिया।

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि भाजपा और आरएसएस भारत में फेसबुक और वाट्एऐप को नियंत्रित करते हैं। वे इसके माध्यम से फ़र्जी खबरें और नफरत फैलाते हैं आखिरकार, अमेरिकी मीडिया फेसबुक के बारे में सच्चाई के साथ सामने आया है।

 राहुल गांधी ने इसके साथ ही वॉल स्ट्रीट जनरल का स्क्रीन शॉट भी शेयर किया था।

फेसबुक पर अमरीका में भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रचार और उनका पक्ष लेने का आरोप लग चुका है जिसके बाद फेसबुक के मार्क ज़ुकरब्रग को अमरीकी कांग्रेस में बुला कर पूछताछ की गयी थी