15 अगस्त 2020 - 12:49
ईरान के खिलाफ हथियारों के प्रतिबंध की साज़िश में अमरीका की शर्मनाक हार हुई है, राष्ट्रपति रूहानी

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि अमरीका , ईरान के खिलाफ हथियारों के प्रतिबंध की अपनी साज़िश में शर्मनाक रूप से हार गया है।

ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संघ के हथियारों के प्रतिबंध की अवधि बढ़ाने के लिए सुरक्षा परिषद में अमरीका का प्रस्ताव पर 11 सदस्य देशों ने मतदान नहीं किया, अमरीका व डोमिनिकिन गणतंत्र ने समर्थन में और रूस व चीन ने प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया। 

राष्ट्रपति हसन रुहानी ने शनिवार को कोरना निरोधक समिति की बैठक में इस बात का उल्लेख करते हुए कि सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को अमरीका की पराजय, साम्राज्यवाद के खिलाफ ईरान के संघर्ष के इतिहास में अमर हो गयी, कहा कि ईरान के खिलाफ हथियारों के प्रतिबंध की अवधि को बढ़ाने के अमरीकी प्रस्ताव को स्वीकृति न मिलने की वजह, यह थी कि परमाणु समझौते की सुरक्षा, क्षेत्र और विश्व के हितों की रक्षा के लिए ज़रूरी है। 

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि अमरीकियों ने अपनी शर्म व अपमान पर पर्दा डालने के लिए दावा किया कि उन्होंने ईरान के चार जहाज़ों को पकड़  लिया है जबकि उन जहाज़ों का झंडा ईरानी नहीं था वास्तव में यह दावा, सुरक्षा परिषद में अपमानजनक हार पर पर्दा डालने के लिए है। 

राष्ट्रपति  रूहानी ने अमरीकी प्रस्ताव को मंज़ूरी न मिलने को इस्लामी गणतंत्र ईरान के लिए एक राजनीतिक सफलता और अमरीका के लिए एक राजनीतिक व क़ानूनी हार बताया और आशा प्रकट की है कि इला़के के देश सबक़ हासिल करेंगे और ज़ायोनी शासन से निकट नहीं होंगे। 

राष्ट्रपति रूहानी ने यूएई और इस्राईल के संबंधों को सामान्य बनाए जाने की आलोचना करते हुए यूएई के शासकों को क्षेत्र में इस्राईल को लाने के प्रति  चेतावनी दी है  और कहा कि उन्होंने जो बड़ी गलती की है उससे कछ सीखें और इस गलत राह को जारी न रखेंं।