12 अगस्त 2020 - 18:40
कितने दिन कोरोना से बचाएगा रूसी वैक्सीन? पश्चिम क्यों रूसी कोरोना वैक्सीन को स्वीकार करने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है?

रूस के आरडीआईएफ के प्रमुख क्रेल दिमित्रीयोफ ने सीएनएन से वार्ता में पश्चिम की ओर से रूस में बने कोरोना वैक्सीन में दिलचस्पी न लिए जाने के बारे में कहा कि अगर अगले छे महीनों में यह दावा सफल हुई तो इस बारे में बहुत से सवाल पैदा होंगे कि क्योंकि कुछ अन्य देशों ने इसे बिना कुछ देखे सुने, अस्वीकार कर दिया।

  दिमित्री  ने कहा कि इसकी वजह से राजनीतिक है वैज्ञानिक नहीं अगर रूस, अमरीकी बाज़ार में सादा पानी भी पेश करे तो संभावित रूप से उस पर भी निराशाजनक बयान जारी किये जांएगे  कि यह शराब है या यह कि उसका फार्मूला चुराया हुआ है।

     उन्होंने कहा कि रूस में यह कार्यक्रम नहीं है कि कल से ही एक करोड़ लोगों को वैक्सीन लगा दिया जाएगा बल्कि धीरे धीरे और सतर्कता के साथ यह काम किया जाएगा।

     उन्होंने कहा कि वह खुद भी वैक्सीन लगवा चुके हैं और उनकी पत्नी और माता पिता को लगने वाला है।

     याद रहे रूस ने कोरोना  का पहला वैक्सीन बनाने का एलान किया और उसे पूरी दुनिया से एक अरब डोज़ का आर्डर मिलने के बावजूद पश्चिम में रूसी वैक्सीन के बारे में शंका पैदा की जा रही है।

     अमरीका में संक्रमण विभाग के प्रमुख एन्थोनी फाउसी ने कहा है कि अमरीका इसी हफ्ते कोरोना के कई वैक्सीन पेश कर सकता है मगर अभी उन पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

     उन्होंने कहा कि एसी दवा का इस्तेमाल जिसका हर तरह से परीक्षण नहीं किया गया हो, न केवल यह कि लाभदायक नहीं है बल्कि उससे नुक़सान भी हो सकता है।

     रूसी राष्ट्रपति विलादमीर पुतीने ने 11 अगस्त को एलान किया कि रूस, कोरोना का वैक्सीन बनाने वाला पहला देश बन गया है।

      संभावना है कि इस वैक्सीन का नाम “ स्पूतनिक वे” रखा जाएगा और यह दो वर्षों के लिए वैक्सीन लगवाने वाले को कोरोना से सुरक्षित रखेगा।