इमरान ख़ान ने अलजज़ीरा के कार्यक्रम बिला हुदूद में बोलते हुए कहा कि उनके देश ने ईरान और सऊदी अरब के बीच टकराव रोका और यमन में शांति लाने की कोशिश की।
पांच अगस्त को प्रसारित होने वाले कार्यक्रम के लिए इमरान ख़ान ने अपनी टिप्पणी में कहा कि भारत इस समय आदडियालोजी की दृष्टि से चरमपंथी हिंदुओं के हाथ में पड़ गया है जो नस्लपरस्त हैं और अपनी नस्ल को दूसरों से श्रेष्ठ मानते हैं।
इमरान ने कहा कि आरएसएस की सत्ता के चलते भारत में धर्म निरपेक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था बिखर रही है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि ओआईसी अब केवल कश्मीर के मुसलमानों नहीं बल्कि पूरे भारत के मुसलमानों की बात करे। उन्होंने कहा कि कई बड़े देश भारत में अपने आर्थिक हितों के कारण दोहरी बातें करते हैं।
इमरान ख़ान ने कहा कि कश्मीर में भारत ने 8 लाख सैनिक तैनात करके वहां की अर्थ व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। भारत ने कश्मीर को एक बड़ी जेल में बदल दिया है।
इमरान ख़ान ने कहा कि हमने भारत से वार्ता की बहुत कोशिश की लेकिन अब जब तक आर्टिकल 370 को बहाल नहीं कर दिया जाता उस समय तक भारत से कोई वार्ता नहीं होगी।
इमरान ने यमन के हालात का हवाला देते हुए कहा कि वहां जो कुछ हो रहा है वह त्रासदी है यह देश युद्ध के कारण तबाह हो गया है। इमरान ने कहा कि पाकिस्तान ने इस देश में शांति की बहाली के लिए कोशिश की और हम इस आग को शांत करने के लिए आगे भी जो हो सकेगा करेंगे।
इमरान ख़ान ने कहा कि इलाक़े के लिए सबसे बुरी स्थिति यह होगी कि ईरान और सऊदी अरब के बीच टकराव हो। उन्होंने कहा कि हमने दोनों देशों के बीच टकराव रोका और दोनों के बीच मध्यस्थता की हमारी कोशिश अब भी जारी है। इमरान ने कहा कि इस दिशा में प्रगति भी हुई है लेकिन रफ़तार कम है।
इमरान ख़ान ने तुर्की से संबंधों के बारे में कहा कि इस देश और वहां के राष्ट्रपति अर्दोग़ान से हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं हमें तुर्की से पर्यटन के क्षेत्र में बहुत कुछ सीखना है।