अलजज़ीरा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी राष्ट्रपति ने इस संबंध में चीन को 45 दिन की मोहलत दी है ताकि वह वार्ता को परिणाम तक पहुंचा सके।
उन्होंने कहा कि टिक टॉक के चीन के मालेकाना हक़ में रहना, अमरीका के लिए एक सुरक्षा ख़तरा शुमार होता है। ट्रम्प ने माइक्रो साफ़्ट कंपनी के मालिक और उच्चाधिकारियो के साथ वार्ता भी की है और यही कार्यवाही टिक टॉक की ख़रीदारी के लिए कम्युटर की इस बड़ी कंपनी को प्रेरित करने का कारण बना है।
अमरीकी युवाओं की एक बड़ी संख्या टिक टॉक का प्रयोग करती है और ट्रम्प को इस बात की आशंका है कि टिक टॉक की बदौलत चीन अगले नवम्बर में होने वाले अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप और चुनाव में उनकी सफलता की संभावना में उनकी सफलता की संभावना कम कर सकता है।
ज्ञात रहे कि अमरीका और चीन के बीच तनाव इस समय चरम पर पहुंच गया है और चीनी विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव कभी भी युद्ध का रूप धारण कर सकती है।