28 जुलाई 2020 - 19:04
डरे सहमे इस्राईल की शेडो वॉर, हवा में तलवार घुमा रहा है तेलअबीब, हिज़्बुल्लाह ने बयान जारी करके खोली पोल!

कल अचानक ही इस्राईली मीडिया में यह खबर चलने लगी कि लेबनान के हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी सीमा पर हमला कर दिया है और इस्राईली सैनिकों और हिज़्बुल्लाह के सदस्यों के बीच झड़प जारी है।

 इस्राईली मीडिया में वीडियो क्लिप और फोटो में दिखाये गये जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में गोलीबारी देखी जा सकती थी। इस्राईल के प्रधानमंत्री सहित कई बड़े बड़े अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से “ चिंता “ प्रकट की और हर तरह के हमले के लिए तैयारी का एलान किया।

    जैसे-जैसे समय बीता और सच्चाई सामने आयी तो एक बार फिर लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह का वह मशहूर बयान याद आ गया जिसमें उन्होंने इस्राईल को मकड़ी के जाले से भी अधिक कमज़ोर बताया था।

    अपनी मीडिया की मदद से पूरी दुनिया में अपनी सैन्य ताक़त का डंका पीटने वाले इस्राईल के सैनिक, हिज्बुल्लाह की जवाबी कार्यवाही से इतना डरे हुए थे कि लेबनान से लगने वाली सीमा पर हिज़्बुल्लाह की तरफ से किसी हमले के बिना ही अंधाधुंध फायरिंग करने लगे और  हिज़्बुल्लाह के काल्पनिक सदस्यों को पीछे ढकेलने लगे।

जब सच्चाई सामने आयी तो इस्राईली अधिकारियों ने फज़ीहत से बचने के लिए यह कह दिया कि हिज़्बुल्लाह के सदस्यों ने हमला किया था लेकिन इस्राईली सैनिकों ने उन्हें पीछे ढकेल दिया और कई सदस्य मारे गये और घायल हुए!

लेकिन हिज़्बुल्लाह ने एक बयान जारी करके इस्राईल के इस झूठ की पोल खोल दी।

लेबनन के हिज़्बुल्लाह आंदोलन ने एक बयान जारी करके कहा है कि लेबनान की सीमा से अवैध अधिकृत फिलिस्तीन में घुसपैठ के बारे में दुश्मन के मीडिया ने जो कुछ कहा है वह सब झूठ है।

 

    बयान में कहा गया है कि हिज़्बल्लाह के सदस्यों के शहीद और घायल होने का दावा भी गलत है।

बयान में कहा गया है कि इस्राईल का दावा, वास्तव में काल्पनिक जीत दर्ज करने का है।

हिज़्बुल्लाह के बयान में कहा गया है कि अब तक इस्लामी प्रतिरोध मोर्चे की ओर से एक गोली भी नहीं चलायी गयी है और फायरिंग केवल एक तरफ से हुई, फायरिंग डर और चिंता में डूबे दुश्मन की ओर सेही हुई है।

बयान में कहा गया है कि हमारे भाई अली कामिल मोहसिन की शहादत का बदला निश्चित रूप से लिया जाएगा।  

अस्ल में सीरिया के दमिश्क हवाई अड्डे के निकट इस्राईली हमले में हिज़्बुल्लाह के एक सदस्य की शहादत के बाद इस्राईली ने लेबनान से लगने वाली सीमा पर अतिरिक्त सैन्य बल भी तैनात कर दिया है और इस्राईली सैनिकों को डर है कि लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के सदस्य किसी समय भी हमला कर सकते हैं।

 इस्राईल के डर की यह हालत है कि वह खत लिख कर हिज़्बुल्लाह को सफायी दे रहा है कि तेलअबीब को यह नहीं मालूम था कि वहां हिज़्बुल्लाह के सदस्य मोहिसन मौजूद हैं और इसी तरह इस्राईल उनकी हत्या का इरादा नहीं रखता था।

हिज़्बुल्लाह के हमले के डर से अब तक सीमा पर तैनात कई इस्राईली सैनिक, मोर्चे से भाग चुके हैं।

    इस्राईल को बेहद ताकतवर दिखाया गया है जबकि वह एसा है नहीं। इस्राईली समाचार पत्र हारित्ज़ ने 28 फरवरी सन 2002 के अपने संस्करण में लिखा “ कि सैनिक दृष्टि से इस्राईल एक मज़बूत सरकार है लेकिन उसका समाजी ढांचा, नागरिक है और वह युद्ध के लिए किसी भी दशा में तैयार नहीं है। इस्राईली सेना के पास अत्याधुनिक हथियार मौजूद हैं लेकिन इस्राईली जनता, राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए अपने बेटों का बलिदान देने पर तैयार नहीं है। इस लिए इस्राईल मकड़ी के जाले की तरह  है जब आप उसे बाहर से देखते हैं तो मज़बूत लगता है मगर छूते ही वह खत्म हो जाता है। “

 लेकिन अब लगता है कि छूने की नौबत भी नहीं आएगी। हिज़्बुल्लाह ने अपने एक सदस्य की शहादत का बदला लेने की घोषणा की तो इस्राईल में हड़कंप मच गया और आखिर का लेबनान की सीमा पर तैनात सैनिक इतने दबाव में आए कि उन्हें हिज़्बल्लाह के सदस्य नज़र आने लगे और उन्होनें अंधाधुंध फायरिंग कर दी जबकि वहां कुछ नहीं था, न हिज़्बुल्लाह के सदस्य न कोई दुश्मन! यह है दुनिया की बेहद मज़बूत कही जाने वाली सेना है।

    दर अस्ल अमरीका में ट्रम्प और इस्राईल में नेतेन्याहू, दोनों को ही चुनाव में जीतने की चिंता है इस लिए दोनों मिल कर इस तरह की योजना बना रहे हैं जिससे शायद वोटों में बढ़त मिल जाए लेकिन ज़ाहिर है मकड़ी के जाले में ताक़त ही कितनी? न जाने इस्राईली नेता, कब तक इस मकड़ी के जाले में कीड़े मकोड़ों को फंसा कर शेर को डराने की कोशिश करते रहेंगे?