27 जुलाई 2020 - 13:59
ईरानी यात्री विमान के ख़िलाफ़ अमरीका के क़दम के नए पहलू सामने आए, शहीद सुलैमानी की हत्या से भी है कनेक्शन

गत गुरुवार को ईरान की माहान एयर लाइन के एक यात्री विमान को ख़तरे में डालने की अमरीकी युद्धक विमानों की कार्यवाही के कुछ नए पहलू सामने आए हैं।

माहान एयर के पायलट ने बड़ी तेज़ी से अपने विमान की ऊंचाई कम करके एक बड़े ख़तरे को टाल दिया था लेकिन कई यात्री फिर भी घायल हो गए थे। इस ख़तरनाक और आतंकी कार्यवाही पर अमरीका ने दावा किया था कि उसे फ़ाइटर जेट, माहान एयर के उस विमान को चेक करने के लिए उसके निकट हुए थे। इस सवाल की अनदेखी करते हुए कि अमरीकी जेट सीरिया की वायु सीमा में क्या कर रहे थे, कुछ नई सूचनाएं सामने आई हैं जिनके आधार पर अमरीकी युद्धक विमानों ने सीरिया के अलावा लेबनान की वायु सीमा में भी ईरानी यात्री विमान का पीछा करने की कोशिश की थी। अत्तनफ़ के वायु क्षेत्र में अमरीकी जेट, ईरानी यात्री विमान के जो बहुत क़रीब आए थे उसका केवल एक ही लक्ष्य हो सकता है और वह है इस विमान को नुक़सान पहुंचाना। इसी प्रकार की एक अन्य घटना रूस के विमान के साथ हो चुकी है जिसके नतीजे में वह विमान गिर गया थ।

 

इस संबंध में एक और नई बात जो सामने आई है वह यह है कि अमरीकी जेट, जाॅर्डन की अलअज़रक़ छावनी से उड़े थे। याद रहे कि जाॅर्डन की यही वह सैन्य छावनी है जहां से उड़ने वाले अमरीकी ड्रोन्स ने ईरान की आईआरजीसी के कमांडर शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी की बग़दाद हवाई अड्डे के क़रीब आतंकी कार्यवाही में हत्या कर दी थी। यह बात पूरी दुनिया जानती है कि अमरीका अपनी हर ग़लती और हर ग़ैर क़ानूनी काम का औचित्य दूसरी ग़लती और दूसरे ग़ैर क़ानूनी काम से दर्शाने की कोशिश करता है लेकिन अब आम जनमत हरगिज़ इस बात को स्वीकार नहीं कर सकता कि जाॅर्डन जैसा देश, इस प्रकार की ख़तरनाक कार्यवाही में अमरीका का साथ दे। हालांकि जाॅर्डन की ओर से ज़ायोनी शासन को औपचारिक रूप से स्वीकार करने की कार्यवाही और इस्राईल के साथ उसके संबंधों को भी इस्लामी जगत नहीं भूलेगा लेकिन इस तरह की कार्यवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।