27 जुलाई 2020 - 13:52
भारतीय अदालत ने चीन के सबसे अमीर व्यक्ति जैक मा को अदालत में हाज़िर होने का दिया आदेश

भारत की एक अदालत ने चीन के सबसे अमीर व्यक्ति जैक मा को अदालत में हाज़िर होने के लिए समन जारी किया है।

अलीबाबा के संस्थापक जैक मा पर उनकी कम्पनी के एक पूर्व भारतीय कर्मचारी ने ग़ैर क़ानूनी रूप से नौकरी से निकाले जाने का आरोप लगाया है। कर्मचारी का दावा है कि जब उसने कंपनी के ऐप्स में सेंसरशिप और फ़ेक न्यूज़ को देखा तो उस पर आपत्ति जताई, जिसके कारण उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

रॉयटर्ज़ न्यूज़ एजेंसी ने इस शिकायत के दस्तावेज़ देखने का दावा किया है।

यह मामला मोदी सरकार द्वारा अलीबाबा के यूसी न्यूज़ और यूसी ब्राउज़र समेत 57 चीनी ऐप्स को प्रतिबंधित करने के कुछ हफ़्तों बाद सामने आया है।

जून में लद्दाख़ के सीमावर्ती क्षेत्र गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच ख़ूनी झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिक मारे गए थे।

उसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में तनाव जारी है और मोदी सरकार पर देश में चीन के साथ आर्थिक सहयोग कम करने के लिए दबाव है।

ऐप्स पर प्रतिबंधों के बाद, चीन ने मोदी सरकार के इस क़दम की आलोचना की थी। भारत ने सभी प्रभावित कंपनियों से लिखित जवाब मांगा है कि क्या उन्होंने सामग्री को सेंसर किया है या किसी विदेशी सरकार के लिए काम किया है?

अलीबाबा के यूसी वेब के पूर्व कर्मचारी पुष्पेन्द्रा सिंह पारमर ने 20 जुलाई को अदालत में कंपनी पर चीन को पसंद नहीं आने वाली सामग्री को सेंसर करने और सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के मक़सद से फ़ेक न्यूज़ दिखाने जैसे आरोप लगाए हैं।

नई दिल्ली के ऊपगरीय इलाक़े गुरुग्राम स्थित अदालत की जज सोनिया शियोकंड ने अलीबाबा, जैक मा और कंपनी के अन्य दर्जनों अधिकारियों के लिए समन जारी किया है और उनसे 29 जुलाई को अदालत में हाज़िर होने के लिए कहा है।