23 जुलाई 2020 - 14:17
अमरीका ने जनरल सुलैमानी को शहीद करके आतंकी गुटों को सबसे बड़ा तोहफ़ा दियाः रवानची

संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान अपने सभी पड़ोसी देशों से अच्छे संबंध चाहता है लेकिन अमरीका नहीं चाहता कि इस प्रकार के संबंध स्थापित हों।

मजीद तख़्ते रवानची ने रशा टूडे टीवी चैनल से बात करते हुए ईरान व चीन के संबंधों को प्राचीन बताया और कहा कि इन दोनों देशों के बीच होने वाला समझौता कोई असाधारण विषय नहीं है, दोनों एक दूसरे के स्वाभाविक घटक भी हैं और उनका आपसी सहयोग दोनों देशों के हित में है। उन्होंने इराक़ के प्रधानमंत्री की ईरान यात्रा की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि ईरान व इराक़ के पारंपरिक व ऐतिहासिक रिश्ते हैं और अमरीका की कार्यवाहियां ईरान व उसके पड़ोसियों के संबंधों को प्रभावित नहीं कर सकतीं।

 

संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि ने इसी तरह परमाणु समझौते से अमरीका के एकपक्षीय रूप से निकल जाने की आलोचना करते हुए कहा कि ये अमरीकी थे जिन्होंने इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते से निकल कर वार्ता की मेज़ छोड़ दी थी। उन्होंने इसी तरह आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या को अमरीका के सरकारी आतंकवाद का सबसे स्पष्ट उदाहरण बताया और कहा कि आतंकवाद से संघर्ष के इस नायक की हत्या, अमरीका की ओर से क्षेत्र में आतंकी गुटों को दिया गया सबसे बड़ा तोहफ़ा था।