एस. जयशंकर ने यूएस-इंडिया बिज़नस काउंसिल के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि अमरीका को अब उन गठबंधनों से आगे बढ़ना होगा जिनके साथ वह पिछली दो पीढ़ियों से रहा है और उसे ऐसी दुनिया में काम करने की कला सीखनी होगी जो बहुध्रुवीय और बहुपक्षीय है। उन्होंने कहा कि भारत और अमरीका को लंबित व्यापारिक मुद्दे सुलझाने के लिए व्यापक नज़रिए से सोचने की ज़रूरत है। एस. जयशंकर ने कहा कि मेरा मानना है कि यह दोनों देशों के हित में होगा और हमें लंबित पड़े मसलों को सुलझा कर बड़े लक्ष्यों पर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि मैं आर्थिक संबंधों की अहमियत समझता हूँ। ये हमारी रोज़ी-रोटी के मसले हैं और देशों के आपसी संबंधों के मूल कारण हैं लेकिन इसके साथ ही मेरा यह भी मानना है कि भारत और अमरीका को इससे आगे सोचने की ज़रूरत है। भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमरीका को तकनीक और नई खोज के क्षेत्र में साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत है। एस. जयशंकर ने ये बातें ऐसे समय में कही हैं जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी की चपेट में है और भारत-चीन सीमा पर लंबे समय तनाव जारी है। एस जयशंकर ने पिछले हफ़्ते ही कहा था कि भारत कभी किसी गुट का हिस्सा नहीं बनेगा।