20 जुलाई 2020 - 19:15
नेतेनयाहू बड़ी मुसीबत में फंसे, बचना है मुश्किल, सड़कों पर जनसैलाब और मुक़द्दमे की तैयारी लेकिन...

इस्राईल के पूर्व युद्धमंत्री मूशे यालून ट्वीट कर इस्राईली प्रधानमंत्री पर मुक़द्दमा चलाए जाने के मुद्दे की ओर संकेत करते हुए लिखा कि अगले हफ़्ते क्या होने वाला है? नेतेनयाहू ने प्रदर्शनों और एक जगह पर जमा होने पर रोक लगा दी है, सभी होटलों, समुद्री किनारों और हेल्थ क्लब को आख़िरी हफ़्ते तक के लिए बंद कर दिया है।

एहूद बराक ने जब वह प्रधानमंत्री थे, ट्वीट किया था कि हे नेतेनयाहू तुम डर गये हो, हम तुम्हारे भय को दूर से देख रहे हैं, जब हज़ारों इस्राईली तुम्हारे ख़िलाफ़ सड़कों पर जमा हुए तब ही तुम हार गये थे।

एविग्डोर लेबर मैन सहित इस्राईल के दूसरे अधिकारियों ने भी अपने ट्वीट में इस्राईल की विषम आर्थिक स्थिति और संकट से निकलने के लिए नेतेनयाहू सरकार की विफलता का सड़कों पर तमाशा देखने को मिला। यह सब बातें इस बात का चिन्ह हैं कि इस्राईल की स्थिति, वास्तविक संकट की ओर बढ़ रही है और इसकी वजह यह है कि इस्राईली सरकार में भ्रष्टाचार बुरी तरह से फैला हुआ है।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल जो इस्राईल के कुछ विचारकों ने पेश किया है क्योंकि ये इस्राईल के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इस्राईली विचारक कहते हैं कि इतने ज़्यादा आरोपों के साथ एक आरोपी किस तरह न्यायालय का सामना करेगा और उसके कुछ देर बाद प्रधानमंत्री पद पर बैठ जाएगा ताकि इस्राईल और उसके भविष्य के बारे में फ़ैसला करे।

मूशे यालून ने अपने ट्वीट में इस विषय की ओर संकेत करते हुए लिखा कि नेतेनयाहू ने कोरोना वायरस से भय की वजह से लॉकडाउन की घोषणा नहीं की थी बल्कि लॉकडाउन का मक़सद, विरोध प्रदर्शनों को रोकना था जो उनके विरुद्ध हो रहे थे लेकिन कोरोना संकट ने नेतेनयाहू सरकार की विफलता को दुनिया पर उजागर कर दिया और यह मुद्दा उनके लिए मुसीबत बन गया है और उनको प्रधानमंत्री पद छोड़ने पर मजबूर कर सकता है।

इस्राईली प्रधानमंत्री के सामने एक दूसरा संकट जिससे वह जूझ रहे हैं, वह उनके और युद्धमंत्री बेनी कान्ट्ज़ के बीच खींचातानी है जो नेतेनयाहू से अधिक से अधिक विशिष्टता हासिल करने के प्रयास में हैं।

बहरहाल, इस्राईल में कोरोना वायरस के क़हर के बीच नेतेनयाहू पर मुक़द्दमे की कार्यवाही से पता चलता है कि हालात नेतेनयाहू के हक़ में बेहतर नहीं हैं क्योंकि इस्राईल के विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले प्रदर्शनों में शामिल लोगों ने यह नारे लगाए कि नेतेनयाहू भ्रष्ट हैं, बीबी गेट आउट।

कुछ लोगों का कहना है कि नेतेनयाहू यथावत शक्तिशाली हैं लेकिन सच्चाई यह है कि इस्राईल अब तक की सबसे बुरी आर्थिक स्थिति का सामना कर रहा है। नेतेनयाहू पिछले दस वर्ष के दौरान आर्थिक स्थिरता को संभालने में सफल रहे हैं और यही वजह थी कि इस्राईलियों ने उनका समर्थन किया।

वास्तव में तेल अवीव, हरतज़लिया और हैफ़ा में जो चिंता पाई जाती है वह वेस्ट बैंक के कुछ क्षेत्रों के इस्राईल में विलय का मुद्दा नहीं है बल्कि वे आर्थिक और सुरक्षा के विषय पर बल दे रहे हैं और यह सवाल पैदा हो रहा है कि क्या नेतेनयाहू इन दो विषयों को पूरा कर सकते हैं या नहीं, लेकिन आर्थिक संकट गहराने और इस संकट से निपटने में नेतेनयाहू की विफलता, उनके विरुद्ध आर्थिक भ्रष्टाचार की फ़ाइल खुलने और उन पर अधिक दबाव पड़ने की भूमिका बन सकता है।