शेहाब न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार हमास आंदोलन ने मंगलवार को एक बयान जारी करके घोषणा की है कि ज़ायोनी शासन को मस्जिदुल अक़सा पर हमला और उसके अनादर की क़ीमत चुकाना पड़ेगी और वह फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की कार्यवाहियों का सामने ठहर नहीं पाएगी।
हमास आंदोलन ने मस्जिदुल अक़सा के बाबुर्रहमा को बंद करने और उसका यहूदीकरण करके यहूदियों का उपासना स्थल बनाने के इस्राईल के फ़ैसले की निंदा की और कहा कि ज़ायोनियों की ख़तरनाक साज़िश कभी भी सफल नहीं होगी।
हमास आंदोलन ने इस्लामी सहयोग संगठन और अरब संघ से भी मांग के है कि वह मस्जिदुल अक़सा को आने वाले ख़तरे को रोकने के लिए मैदान में आएं और इस्राईल की योजनओं को पूरा न होने दें।