यह मशीन बलगम में आक्सीजन के एक्टिव कणों के स्तर को नापती है।
बलगम में आक्सीजन के कणों के स्तर में वृद्धि, कोरोना वायरस का चिन्ह हो सकती है क्योंकि कोरोना वायरस में ग्रस्त होने वाले मरीज़ को बीमारी की किसी भी निशानी से पहले भी उसके बलगम में आक्सीजन के कणों का स्तर बढ़ जाता है जिसे इस मशीन के सेन्सर पहचान लेते हैं और इस तरह से कोरोना वायरस का पता लगाया जा सकता है।
इस मशीन में ईरान के 4 अस्पतालों में 600 से अधिक रोगियों पर प्रयोग किया गया है और प्रयोग पूरी तरह से सफल रहा है।
यह मशीन केवल कोविड-19 का ही पता लगाने के लिए नहीं है बल्कि इसे फेफड़ों की दूसरी बीमारियों के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।