13 जुलाई 2020 - 13:40
राजस्थान में राजनैतिक संकट, गहलोत सरकार बची है, पायलट के भाजपा में जाने का खंडन, कांग्रेस के दरवाज़े हैं खुले

भारत के राजस्थान में राजनीतिक संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि उनके पास बहुमत मौजूद है।

उन्होंने सोमवार को विधायक दल की बैठक दो घंटे तक टाले जाने के बाद दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर अशोक गहलोत के आवास पर मीडिया के सामने विधायकों के संग शक्ति प्रदर्शन किया गया। सोनिया गांधी और राहुल गांधी ज़िंदाबाद नारों के बीच सीएम अशोक गहलोत ने पर्यवेक्षक रणदीप सिंह सुरजेवाला और अजय माकन के साथ विक्ट्री निशान बनाया।

कांग्रेस पार्टी ने 109 विधायकों के बैठक में मौजूद होने का दावा किया है हालांकि सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के करीब 17 विधायक बैठक से ग़ायब रहे। दूसरी तरफ पायलट गुट अभी भी 30 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है।

इससे पहले राजस्थान विधानसभा में उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य की अशोक गहलोत सरकार को कोई दिक्कत नहीं होगी और भाजपा के किसी भी तरह की योजना राज्य में कामयाब नहीं होंगे।

पायलट ने दावा किया था कि कांग्रेस के 30 से अधिक विधायकों और कुछ निर्दलीय विधायकों द्वारा उन्हें समर्थन देने के वादे के बाद अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है। ज्ञात रहे कि 200 सदस्यों की विधानसभा में कांग्रेस के 107 और भाजपा के 72 विधायक हैं।

दूसरी ओर रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने पिछले 48 घंटे में सचिन पायलट से अनेकों बार बात की है। व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा वाजिब हो सकती है लेकिन राजस्थान व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा से बड़ा है। सुरजेवाला ने कहा कि अगर कोई मतभेद है तो सचिन पायलट समेत सभी विधायकों के लिए कांग्रेस पार्टी के दरवाजे सदैव खुले थे, हैं और रहेंगे।

सुरजेवाला ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के 3 अग्रिम विभाग हैं आयकर विभाग, ईडी और सीबीआई, जब भी मोदी सरकार, भाजपा को प्रजातंत्र की हत्या करनी होती है तो भाजपा के ये विभाग सबसे पहले आगे आकर खड़े हो जाते हैं।