3 जुलाई 2020 - 14:39
देशों पर अमरीकी पाबंदियों की वजह से कोरोना से निपटना मुश्किल हो रहा है, पाबंदियां हटनी चाहिए, ईरान

संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि ने एकपक्षीय पाबंदियों को रद्द करने की मांग की है कि जिनकी वजह से दोशों को कोरोना से निपटने में मुश्किल पेश आ रही है।

मजीद तख़्त रवान्ची ने सुरक्षा परिषद की कोरोना वायरस के असर की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में कहा कि महामारी से संघर्ष करने की वजह से देशों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति पहले ही ख़राब हो जाती है, अब उनके ख़िलाफ़ अलग से मुश्किलें पैदा करने से हालात और जटिल हो जाते हैं।

उन्होंने कोरोना वायरस की वजह से सीरिया और यमन सहित पश्चिम एशिया में पैदा हुयीं मुश्किलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह स्थिति सीरिया की जनता के ख़िलाफ़ अमरीका की एकपक्षीय पाबंदियों और यमन की बंदरगाहों और हवाई अड्डों की जारी नाकाबंदी की वजह से और बुरी हो गयी है।

संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि ईरान जिसे कोरोना का सामना और अमरीकी पाबंदियों को निशाने पर है, अच्छी तरह जानता है कि मेडिकल साज़-सामान और दवाओं के आयात को रोकने वाली ये पाबंदियां किस तरह टार्गेट देश की क्षमता को कोरोना से निपटने में कमज़ोर कर देती हैं।

मजीत तख़्त रवान्ची ने कहा कि एकपक्षीय पाबंदियां अमल में सबसे ज़्यादा बीमारों को निशाना बनाती हैं, जिससे पता चलता है कि उक्त पाबंदियां किस हद तक अनैतिक, अमानवीय व अवैध हैं।

उन्होंने कोरोना वायरस को पूरे मानव समाज का दुश्मन बताते हुए कहा कि इस वायरस से निपटने के लिए पूरी दुनिया के देशों के बीच आपसी मदद व सहयोग ज़रूरी है।

अमरीका की एकपक्षीय पाबंदियों से कि जिसके निशाने पर मेडिकल साज़-सामान, दवाएं और मूल ज़रूरत की चीज़े भी हैं, पाबंदियों का निशाना बनने वाले देशों की जनता ख़ास तौर पर कोरोना वायरस के मरीज़ों के लिए बड़ी मुश्किलें पैदा हुयी हैं।