सैयद अब्बास मूसवी सोमवार को पत्रकार सम्मेलन में इस बात की तरफ़ इशारा करते हुए कि यूरोप वाले बेकार का काम कर रहे हैं और ग़लत रास्ते पर जा रहे हैं, कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों का जारी रहना, संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 के ख़िलाफ़ है और इसके जो भी परिणाम होंगे उनका जवाब अमरीका व यूरोपीय देशों को देना होगा। उन्होंने कहा कि अमरीका व यूरोप के बीच सहयोग का संबंध स्वयं उनसे है लेकिन इस्लामी गणतंत्र ईरान सिर्फ़ इस लिए अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा अमरीका व यूरोप के रिश्ते जारी रहें जो एक प्रकार से मालिक व दास वाले रिश्ते हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसी तरह ईरान के ख़िलाफ़ लगे हथियारों के प्रतिबंध की समय सीमा संभावित रूप से बढ़ाए जाने पर तेहरान की प्रतिक्रिया के बारे में इस्लामी गणतंत्र ईरान ने विशेष क़दमों के बारे में सोच रखा है जिनके बारे में हालात के हिसाब से फ़ैसला किया जाएगा लेकिन तेहरान का कहना है कि इतनी बुद्धि और इतनी समझ होनी चाहिए कि बात वहां तक न पहुंचे।
सैयद अब्बास मूसवी ने यूरोप में आतंकी गुटों की स्वतंत्र गतिविधियों के बारे में कहा कि इनमें से कई गुट यूरोप की आतंकी गुटों की लिस्ट में शामिल थे लेकिन अचानक ही उन्हें इस लिस्ट से निकाल दिया गया और वे साधारण गुट में बदल गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तेहरान कई बार यूरोपीय देशों को जाने पहचाने आतंकियों को शरण देने के बारे में सचेत कर चुका है। उन्होंने अमरीका में मानवाधिकारों के व्यवस्थित ढंग से किए जा रहे हनन की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि जो देश मानवाधिकार की रक्षा का दावेदार है और अन्य देशों के बारे में हर साल रिपोर्ट पेश करता है, ख़ुद खुल्लम खुल्ला मानवाधिकारों और अश्वेतों के अधिकारों को पैरों तले रौंद रहा है।