21 जून 2020 - 12:59
चीन की अमरीका को कड़ी चेतावनी, इससे ज़्यादा ईरान के धैर्य का इमतहान लेना, आग से खेलना होगा

परमाणु कार्यक्रम को बहाना बनाकर ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका और यूरोपीय देशों की नई जुगलबंदी को लेकर चीन ने कड़ी चेतावनी जारी की है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो पॉवर रखने वाले चीन ने कहा है कि वह ईरान के परमाणु मुद्दे को फिर से अमरीका और पश्चिमी देशों के हाथ का खिलौना नहीं बनने देगा।

ग़ौरतलब है कि अमरीका के समर्थन से ईरान के साथ परमाणु समझौते में शामिल तीन यूरोपीय देशों, ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने आईएईए में एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें ईरान से दो स्थानों के निरीक्षण की मांग के साथ आईएईए के निरीक्षकों के साथ भरपूर सहयोग की मांग की गई है।

शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी में यह प्रस्ताव दो के मुक़ाबले 25 वोटों से पारित कर दिया गया।

चीन ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए वियना स्थित आईएईए में 5 पेजों वाला एक बयान पेश किया, जिसमें अमरीका और उसके सहयोगी यूरोपीय देशों को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी गई थी कि इस तरह का कोई भी प्रयास, पैश्विक परमाणु अप्रसार को पटरी से उतार सकता है।

आईएईए में चीन के प्रतिनिधि वांग क़ून का कहना थाः इस तरह की एकतरफ़ा कार्यवाही और धमकाने वाली आदत अमरीका के स्वभाव में शामिल है।

उन्होंने कहा यह प्रस्ताव, ईरान और विश्व शक्तियों के बीच 2015 के परमाणु समझौते के ताबूत में आख़िरी कील साबित होगा।

ट्रम्प प्रशासन ने 2018 में इस समझौते से बाहर निकलने का एलान कर दिया था, जिसके बाद उसने ईरान के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए और इस समझौते को ख़त्म करने की क़सम खाई।

चीन के प्रतिनिधि का कहना था कि अमरीका को ईरान के ख़िलाफ़ अपनी अधिकतम दबाव की ग़लत नीति में सुधार करना चाहिए और इससे ज़्यादा तेहरान के धैर्य का इमतेहान नहीं लेना चाहिए।