20 जून 2020 - 17:36
ईरान को रोकने के लिए यूरोप के तीन शैतानों की चाल, इस बार मीज़ाइल कार्यक्रम निशाने पर...

ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने एक बयान में ईरान के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र संघ के हथियारों से संबंधित प्रतिबंधों की अवधि में विस्तार का खुलकर समर्थन किया है।

तीन यूरोपीय देश अर्थात ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने एक बयान में इस बात की घोषणा करते हुए कि वह शीघ्र ही ईरान को मीज़ाइल टेक्नालाजी और पारंपरिक हथियार निर्यात पर यूरोपीय प्रतिबंधों की अवधि में 2023 तक का विस्तार करेंगे, कहा कि इस संबंध में वह रूस और चीन और इसी प्रकार संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्य देशों के साथ वार्ता के इच्छुक हैं।

इन तीनों यूरोपीय देशों ने अपने बयान में इस बात का दावा करते हुए कि वह अंतर्राष्ट्रीय परमाणु समझौते पर प्रतिबद्ध हैं, यह भी कहा कि इस समझौते को बचाने के लिए वह कसी प्रयास से संकोच नहीं करेंगे।

तीनों यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने एक दिखावटी कार्यवाही के अंतर्गत ईरान के विरुद्ध सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को दोबारा लागू करने के अमरीकी प्रयासों पर अपने विरोध की घोषणा भी की है।

यूरोपीय संघ थोड़े थोड़े समय पर इस बात का दावा करता रहता है कि वह परमाणु समझौते की रक्षा के इच्छुक हैं किन्तु वास्तविकता यह है कि जब से अमरीका ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु समझौते से निकलने की घोषणा की है, यूरोपीय देशों की ओर से व्यवहारिक और स्पष्ट रूप से अपने वचनों और वादों पर अमल किए जाने को नहीं देखा गया है।