पहली किताबः अगले हफ़्ते साइमन और शस्टर पब्लिकेशन कंपनी से छपने वाली है, इसे पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जान बोल्टन ने लिखा है। हो सकता है कि अमरीका की अदालत राज़दारी के क़ानून के हनन की वजह से इस किताब के प्रकाशन पर रोक लगा दे।
इस किताब में वह रहस्य हैं जिनसे ट्रम्प की बड़ी बेइज़्ज़ती हो सकती है और यह साबित हो सकता है कि ट्रम्प राष्ट्रपति पद के लिए फ़िट नहीं हैं। जैसे किताब में बताया गया है कि ट्रम्प ने पत्रकारों को फांसी देने की मांग की थी और वह समझते थे कि फ़िनलैंड रूस के अंदर है, ट्रम्प चीन में कैंपों के अंदर उइगर मुसलमानों की स्थिति से पूरी तरह सहमत हैं, उन्होंने चीन के राष्ट्रपति से मांग की थी कि चुनाव जीतने में उनकी मदद कर दें।
दूसरी किताबः पूर्व विदेश मंत्री कांडोलीज़ा राइस की है। किताब का नाम है No Higher Honor: A Memoir of My Years in Washington, इससे बड़ा सम्मान नहीं, वाशिंग्टन में गुज़रे बरसों की याद,
इस किताब में सबसे गंभीर मुद्दा यह उठाया गया है कि राष्ट्रपति जार्ज बुश की सरकार ने फ़िलिस्तीन में इंतेफ़ाज़ा आंदोलन शुरू करवा देने की सज़ा के तौर पर यासिर अरफ़ात को फ़िलिस्तीनी प्रशासन के प्रमुख पद से हटाने का फ़ैसला किया था। बुश ने अरफ़ात की जगह महमूद अब्बास को लाने का फ़ैसला किया और इसके लिए प्रधानमंत्री का पद बनाया गया और सलाम फ़ैयाज़ को वित्त मंत्री बना दिया गया। इस तरह सारे राजनैतिक अधिकार महमूद अब्बास और आर्थिक अधिकार सलाम फ़ैयाज़ को मिल गए जबकि अरफ़ात बेबस प्रमुख बनकर रह गए।
राइस ने ख़ुलासा किया कि महमूद अब्बास का चयन उन्होंने ही किया था क्योंकि महमूद अब्बास कभी प्रतिरोध की बात नहीं करते, बल्कि इसे आतंकवाद समझते हैं और उन्होंने अमरीका और इस्राईल की शर्तों के अनुसार फ़िलिस्तीनी फ़ोर्सेज़ का पूरा ढांचा बदलने की पेशकश भी मान ली थी।
तीसरी किताबः राष्ट्रपति ट्रम्प की भतीजी मैरी ट्रम्प लिख रही हैं। इस किताब में उन्होंने डोनल्ड ट्रम्प के यौन स्कैंडलों और परिवार से उनके संबंधों का ख़ुलासा किया है। किताब में यह भी बताया है कि वह अपनी पत्नियों से क्यों अलग हुए और उनकी संपत्ति का स्रोत क्या है। यह किताब भी साइमन एंड शस्टर पब्लिकेशन से अगले महीने के आख़िर तक छप जाएगी। इस किताब का नाम हैः Too Much and Never Enough: How My Family Created the World’s Most Dangerous Man.
किताब में बताया गया है कि ट्रम्प किस तरह टैक्स की चोरी करते थे और किस तरह अलज़ाइमर के मरीज़ अपने पिता का मज़ाक़ उड़ाते थे।
कच्चा चिट्ठा खोलने की इस लड़ाई में चौथा नाम मालिक ओबामा का है जो पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा के सौतेले भाई हैं। उन्होंने एक बड़ा धमाका किया है जिससे यक़ीनन ट्रम्प के सीने को ठंडक मिली होगी जो आजकल बड़े कठिन दौर से गुज़र रहे हैं। मालिक ओबाम ने दावा किया है कि उनके पास दस्तावेज़ हैं जिनसे साबित होता है कि ओबामा अमरीका में नहीं केन्या के मोम्बासा में पैदा हुए थे। यदि यह बात सही है तो क़ानूनी और संवैधानिक दृष्टि से ओबामा को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं था। अमरीका के कुछ पब्लिकेशन हैं जो मालिक ओबामा से यह किताब लिखवाने की कोशिश में लगे हैं।
रोचक यह है कि यह सारी किताबें अमरीका में 3 नवम्बर को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से तीन महीने पहले प्रकाशित हो जाएंगी और संभावना है कि इन किताबों का राष्ट्रपति ट्रम्प की साख पर बहुत गहरा असर पड़ेगा। वैसे भी हालिया सर्वे रिपोर्टों से पता चलता है कि जो बाइडन की स्थिति मज़बूत हो गई है।
हमें नहीं मालूम के ट्रम्प अदालत की मदद से बोल्टन की किताब का प्रकाशन रुकवाने या उसकी कुछ बातें हटवाने में सफल होंगे या नहीं लेकिन इतना तो ज़रूर है कि इस समय तक जो बातें लीक हुई हैं वह ट्रम्प की साख पर बहुत बड़ा आघात लगा देंगी।
यह भी तय है कि कांडोलीज़ा राइस ने अपनी किताब में बहुत से राज़ हैं जो बयान नहीं किए वह मध्यपूर्व में रचनात्मक अफ़रा तफ़री का विचार पेश करने वाली महिला हैं, उन्होंने यह भी नहीं बताया कि यासिर अरफ़ात को किस तरह ज़हर दिया गया और इसके पीछे कौन लोग थे। फ़िलिस्तीनी प्रशासन के भीतर वह कौन लोग थे जो इस्राईल के इशारे पर अरफ़ात का काम तमाम कर रहे थे। राइस को उन सारे लोगों के नाम पता हैं जिन्होंने अरफ़ात की हत्या में रोल अदा किया।
स्रोतः रायुल यौम