4 जून 2020 - 13:49
एंटिफ़ा क्या है, जिसे ट्रम्प घरेलू आतंकवादी संगठन घोषित करने की धमकी दे रहे हैं?

अमरीका में पिछले हफ़्ते पुलिस के हाथों एक काले व्यक्ति की निर्मम हत्या के बाद हिंसा और विरोध प्रदर्शनों ने अमरीका को हिलाकर रख दिया है।

इस दौरान अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के उकसाने वाले बयानों ने आग पर घी डालने का काम किया है और पुलिस तथा प्रशासन के समस्त प्रयासों के बावजूद, हिंसा और विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।

ट्रम्प ने अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए जब बली के बकरे की खोज शुरू की तो सबसे पहले उनकी नज़र एंटिफ़ा नामक एक आंदोलन पर पड़ी।

अमरीकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि मौजूदा हिंसा और विरोध के पीछे दक्षिणपंथी चरमपंथियों का हाथ है जो योजनाबद्ध तरीक़े से हिंसा भड़का रहे हैं। रविवार को उन्होंने कहा कि जो लोग एंटिफ़ा आंदोलन के साथ सहयोग कर रहे हैं, वह उन्हें घरेलू आतंकवादी घोषित करने जा रहे हैं और उनके फिर उनके साथ वैसा ही सुलूक किया जाएगा।

हालांकि अमरीका के क़ानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प प्रशासन का ऐसा कोई भी क़दम, असंवैधानिक होगा और अगर संवैधानिक भी होगा तो जसे लागू करना आसान नहीं होगा।

एंटिफ़ा क्या है?

एंटिफ़ा फासीवाद-विरोधी की शॉर्ट फ़ार्म है, यह कोई एक संगठन या समूह नहीं है, बल्कि एक ऐसा आंदोलन है, जिसे किसी एक संगठन या समूह में सीमित नहीं किया जा सकता। अमरीका के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में इस आंदोलन के समर्थक ख़ुद को वामपंथी विचारधारा के निकट देखते हैं, इनमें से कई लोग ख़ुद को समाजवादी, अराजकतावादी, कम्युनिस्ट या पूंजीवाद विरोधी बताते हैं।

यहां मुद्दा यह है कि ट्रम्प किसी भी ऐसे आंदोलन को कि जिसका कोई, स्वरूप, ज्ञात नेता, मुख्याल्य या स्पष्ट विचारधारा नहीं है, और उसके अनुयायी ख़ुद को सिर्फ़ फासीवादी विरोधियों के रूप में देखते हैं, किस तरह से आतंकवादी घोषित करेंगे?

रविवार को अमरीका के अटॉर्नी जनरल विलियम बर्र ने हिंसक कट्टपंथी तत्वों पर पुलिस की दरिंदगी का शिकार होकर अपनी जान से हाथ धोने वाले अफ़्रीक़ी मूल के अमरीकी नागरिक जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद से देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों को हाइजैक करने का आरोप लगाया।

बर्र का दावा था कि यह "बाहरी लोग" अपने एजेंडे का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इन दंगाइयों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए देश भर में एफ़बीआई की 56 संयुक्त आतंकवाद निरोधक टीमों के साथ काम कर रहे हैं।

उनका यह भी दावा था कि एंटिफ़ा और उससे जुड़े समूहों ने हिंसा भड़काई है और यह घरेलू आतंकवाद है, जिससे उसी तरह से निबटा जाएगा।

ट्रम्प प्रशासन ने अपने इन दावों के लिए किसी तरह का कोई सुबूत पेश नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक घरेलू आंदोलन या समूह को उसकी विचारधारा के कारण आतंकवादी संगठन घोषित करना स्वाभाविक रूप से असंवैधानिक होगा।

ट्रम्प प्रशासन के आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनके अधिकारी अपनी असफल नीतियों का ठीकरा अपने राजनीतिक विरोधियों के सिर पर फोड़ना चाहते हैं, वे समाज में विभाजन पैदा कर रहे हैं, ताकि राजनीतिक ध्रुवीकरण करके आगामी राष्ट्रपति चुनाव में अपनी कमज़ोर पोज़ीशन को मज़बूत कर सकें।