रोयटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार स्वीडन की राजधानी स्टाॅकहोम में हज़ारों की संख्या में लोगों ने जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या और इस देश में काले नागरिकों के विरुद्ध होने वाले पुलिसिया अत्याचार के विरुद्ध व्यापक प्रदर्शन किए।
स्टाॅकहोम में कोरोना वायरस की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग और लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध लागू है उसके बावजूद भी लोगों ने प्रदर्शन किए।
प्रदर्शनकारी ऐसे प्लेकार्ड उठाए हुए थे जिन पर लिखा हुआ था कि हम सांस भी नहीं ले सकते, काले लोगों की जान की अहम है।
ज्ञात रहे कि अमरीका में नस्लभेद और जातीवाद तथा पुलिसिया हिंसा के विरुद्ध प्रदर्शन केवल अमरीका के विभिन्न राज्यों और शहरों में ही नहीं हो रहे हैं बल्कि यह प्रदर्शन सीमाओं को पार करके दुनिया के अनेक देशों में आयोजित हो रहे हैं।
इसी प्रकार बुधवार को लंदन के हाइड पार्क में विशाल प्रदर्शन हुआ जिसमें शामिल लोग ऐसे प्लेकार्ड उठाए हुए थे जिन पर लिखा हुआ था न्याय के बिना शांति नहीं और कालों की ज़िदगी भी अहम है।
उल्लेखनीय है कि 25 मई को अमरीकी शहर मिनियापोलिस में एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने अश्वेत अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की गिरफ्तारी करते हुए उसके गले पर अपना घुटना बेरहमी से दबा दिया था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई थी। तबसे अमेरिका के हर राज्य में ज़बरदस्त प्रदर्शन हो रहे हैं।
इस दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारी उग्र हो गये और उन्होंने पुलिस की कई गाड़ियों को आग लगा दी और कई दुकानें लूट लीं।
वाशिंगटन डीसी में प्रदर्शनकारियों ने इसी सप्ताह एक ऐतिहासिक चर्च को जला दिया और राष्ट्रीय स्मारक और लिंकन स्मारक जैसी कुछ ऐतिहासिक धरोहरों को भी नुक़सान पहुंचाया है।