राष्ट्रपति हसन रुहानी ने शनिवार को कोरोना से मुक़ाबले की कमेटी की बैठक में इमाम खुमैनी की बरसी का उल्लेख करते हुए कहा कि इमाम खुमैनी ने 16 बरसों तक एक जन क्रांति का नेतृत्व किया और उसे सफलता तक पहुंचाया और इतने उतार चढ़ाव के बाद इस तरह से इस क्रांति को सफल किया जिसका उदाहरण ईरान के इतिहास में नहीं मिलता।
राष्ट्रपति रूहानी ने इमाम खुमैनी की बरसी के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इमाम खुमैनी ने क्रांति की सफलता के बाद देख की अखंडता व स्वाधीनता की रक्षा की वह भी जटिलताओं से भरे 8 वर्षों तक वह भी केवल इराक़ के सामने नहीं बल्कि लगभग पूरी दुनिया की बड़ी ताक़तों के सामने देश का नेतृत्व किया और उसे सफलता तक पहुंचाया।
राष्ट्रपति रूहानी ने कोरोना के फैलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरोना ने दुनिया के समीकरण बदल दिये, बहुत से संघों ने सीमाएं खत्म कर दी थीं लेकिन कोरोना ने फिर से सीमाएं खींच दीं और आज कोरोना के बाद पूरी दुनिया में नये हालात हैं जो हो सकता है बरसों तक जारी रहें इस लिए प्रतिबंध और नियमों के भीतर रह कर जीवन गुज़ारने का तरीका सीखना होगा।
राषट्रपति रूहानी ने कोरोना के लिए देश में ज़रूरी सामान के उपलब्ध होने पर बल देते हुए कहा कि हमारी जनता को मालूम होना चाहिए कि हमारे देश में न अस्पतालों की कमी है और न ही कोरोना के लिए ज़रूरी उपकरणों और साधनों का अभाव है और देश के डाक्टरों और नर्सों का मनोबल भी बहुत अच्छा है।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि आज हमने फैसला किया है कि मस्जिदों को खोल दिया जाएगा जो जनता की मांग भी है। जनता की मांग है कि नमाज़ के लिए मस्जिद खोल दी जाए तो अब अगर नमाज़ पढ़ना है तो सामाजिक दूरी बना कर पढ़ी जाएगी। इस लिए आज से नियमों के साथ पूरे देश की मस्जिदों को खोल दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में शापिंग मॉल के लिए जो शाम छे तक ही खुले रहने का नियम था उसे खत्म किया जा रहा है। Q.A.