27 मई 2020 - 15:26
अमरीकी सैनिक फ़ार्स खाड़ी से अपना बोरिया-बिस्तरा समेटना शुरू कर दें, अब उनका दौर बीत चुका है, ईरान की चेतावनी

ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी के एक वरिष्ठ कमांडर ने फ़ार्स खाड़ी में अमरीकी सैनिकों के युद्ध अभ्यास की निंदा करते हुए कहा है कि अब अमरीका को यहां से अपना बोरिया बिस्तरा लपेट लेना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र में उसकी सैन्य उपस्थिति का युग समाप्त होने वाला है।

राजनीतिक मामलों में आईआरजीसी के सहायक कमांडर ब्रिगेडियर जनरल यदुल्लाह जवानी का कहना था कि फ़ार्स खाड़ी में सुरक्षा बढ़ाने और अपने सहयोगियों की सहायता के बहाने अमरीका जो युद्ध अभ्यास कर रहा है, वह वास्तव में इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मज़बूत करने के उद्देश्य से है।

हालांकि वह यह भूल रहा है कि अब क्षेत्र में उसकी उपस्थिति का दौर बीत रहा है और उसे यहां से जाना ही होगा। अब इस तरह के सैन्य अभ्यासों से कुछ नहीं हो सकता है।

ब्रिगेडियर जनरल जवानी का कहना था कि अमरीकियों की स्थिति ऐसी है कि क्षेत्र में उनकी अधिक उपस्थिति से उन्हें नुक़सान उठाना पड़ेगा, इसलिए कि क्षेत्रीय देश, अमरीका से नफ़रत करने लगे हैं और राष्ट्रों की इस जागरुकता ने अमरीकियों की स्थिति को काफ़ी कमज़ोर कर दिया है, जो किसी ज़माने में काफ़ी मज़बूत हुआ करती थी।

आईआरजीसी के कमांडर ने आगे कहाः इस्लामी गणतंत्र अब एक स्थापित क्षेत्रीय शक्ति है, जो धीरे-धीरे एक विश्व शक्ति बनती जा रही है। अमरीका के पास अब वह शक्ति नहीं है, जो किसी समय हुआ करती थी। इसीलिए अब वह जो चाहता है उसे हासिल करने में असमर्थ है। लेकिन ईरान क्षेत्र और विश्व स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के दायरे में जो लक्ष्य रखता है उसे हासिल कर सकता है।

जनरल जवानी का कहना था कि अगर अमरीकी इस क्षेत्र में शांति चाहते हैं तो उसका एक ही समाधान है और वह यह कि वे इस क्षेत्र से चले जायें। अगर अमरीकी चले जाते हैं तो क्षेत्रीय देश शांति की स्थापना की क्षमता रखते हैं, इसलिए कि शांति और स्थिरता सभी पड़ोसी देशों के हित में है।