सीएनएन ने अमरीकी विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस सौदे के बारे में विदेश मंत्रालय के इंस्पेक्टर जनरल ने जांच शुरू कर दी थी जिसके बाद पोम्पेयो के बारे में बहुत सी शंकाएं जन्म लेने लगीं।
यह रिपोर्ट तब सामने आई है जब पोम्पेयो की सिफ़ारिश पर अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इंस्पेक्टर जनरल स्टीव लीनिक को बर्ख़ास्त कर दिया है।
पोम्पेयो का कहना है कि उन्होंने लीनिक से इंतेक़ाम नहीं लिया लेकिन उनकी बर्खास्तगी की कोई वजह भी नहीं बताई।
सीएनएन की रिपोर्ट में बतया गया है कि पोम्पेयो ने विदेश मंत्रालय के भीतर क़ानूनी मामलों के कार्यालय, राजनैतिक व सामरिक मामलों के कार्यालय इसी तरह दूसरे कई कार्यालयों को आदेश दिया था कि वह आपात स्थिति के अंदाज़ में काम करें और सऊदी अरब से हथियारों की डील के लिए तर्क तैयार करें।
रिपोर्ट के अनुसार पोम्पेयो की कोशिश थी कि जल्द से जल्द सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या के बाद उठने वाले विवाद का अध्याय बंद हो और सऊदी अरब के साथ समझौता किया जाए।