जनरल मुहम्मद बाक़ेरी ने बुधवार को विश्व क़ुद्स दिवस के उपलक्ष्य में एक संदेश जारी करके कहा है कि फ़िलिस्तीन को ध्रुव मान कर किए जा रहे प्रतिरोध का संवाद बैतुल मुक़द्दस व उसके आस-पास के क्षेत्रों से बाहर निकल चुका है और उसने फ़िलिस्तीन पर अवैध क़ब्ज़ा करने वालों के इरादे को ढीला कर दिया है। उन्होंने कहा कि ज़ायोनिज़्म, जिसने अमरीका व अपने दुष्ट घटकों की शरण की छाया में 72 साल से लगातार अपराध करके फ़िलिस्तीन पर शैतानी वर्चस्व थोप दिया था, आज अच्छी तरह से समझ चुका है कि फ़िलिस्तनी राष्ट्र के ख़िलाफ़ अत्याचार और उनकी मातृभूमि व उनकी पैतृक ज़मीनों पर अवैध क़ब्ज़े में उसके जो मुख्य समर्थक थे वे आज ख़ुद ही बड़ी बड़ी समस्याओं में फंसे हुए हैं और अब ज़ायोनी शासन का जीवन जारी रहने की गारंटी नहीं दे सकते।
ईरानी सेना की संयुक्त कमान के प्रमुख ने इस बात की तरफ़ इशारा करते हुए कि इस साल विश्व क़ुद्स दिवस के कार्यक्रम, कोरोना वायरस के फैलाव के कारण, पहले से अलग तरीक़ों से आयोजित होंगे, कहा कि स्वतंत्र, सत्य को मानने वाले, अत्याचार का विरोध करने वाले और दूसरों के वर्चस्व को स्वीकार न करने वाले राष्ट्र अपने संकल्प से बैतुल मुक़द्दस की आज़ादी का नारा लगाएंगे और क्षेत्र से अपराधी व आतंकी अमरीका को बाहर खदेड़ना उसकी भूमिका होगा। जनरल बाक़ेरी ने कहा कि वाइट हाउस के अधिकारी क्षेत्र में 9 ट्रिलियन जैसी भारी रक़म ख़र्च करके भी अब युद्ध का शंख बजाने में सक्षम नहीं हैं और ईरान की सेना, ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ एकजुट मोर्चे की अग्रिम पंक्ति में है और फ़िलिस्तीन की आज़ादी में मदद कर रही है।