20 मई 2020 - 12:35
उत्तर प्रदेश, नमाज़ के लिए मस्जिद खोलने का मुद्दा, कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ईदुल फ़ित्र पर सामूहिक नमाज़ व दुआ के लिए प्रदेश की ईदगाहों व मस्जिदों को खोलने और जून के महीने में जुमे की नमाज़ पढ़ने की अनुमति देने का समादेश जारी करने की मांग के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।

यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने शाहिद अली सिद्दीक़ी की ओर से मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र पर कायम जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।

कोर्ट ने कहा कि याची अपनी मांग को लेकर सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रत्यावेदन प्रस्तुत करे। यदि कोई आदेश नहीं होता है या प्रत्यावेदन लटकाए रखा जाता है तो वह हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है। सरकार को अर्ज़ी दिए बिना हाईकोर्ट में सीधे याचिका दाखिल नहीं की जा सकती।

कोर्ट ने कहा कि समादेश जारी करने के लिए याची को अपनी मांग शासन के समक्ष रखनी चाहिए। कोई आदेश न होने या विपरीत आदेश होने के बाद याचिका दाखिल की जा सकती है। याची ने सरकार के समक्ष अपनी मांग रखे बिना जनहित याचिका दाख़िल कर समादेश जारी करने की मांग की है जिसपर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता।