अशरफ़ ग़नी के प्रवक्ता ने ट्वीटर पर कहा कि अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह शांति वार्ता के लिए परिषद की अध्यक्षता करेंगे और उनकी टीम के सदस्य मंत्रीमंडल में शामिल होंगे।
प्रवक्ता की ओर से कहा गया है कि अधिक ब्योरा शीघ्र ही पेश किया जाएगा।
दोनों प्रतिस्पर्धियों ने सत्ता में भागीदारी के बारे में एक नये समझौते पर सहमति जताई है जिसके बाद विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते के बाद अफ़ग़ानिस्तान को राजनैतिक संकट से निकालने में मदद मिल सकती है।
इस समझौते में अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह, तालेबान के साथ भविष्य शांति वार्ता का नेतृत्व कर सकेंगे।