सऊदी क्राउन प्रिंस के निकट सहयोगी माने जाने वाले अल-ग़बीन के इस ट्वीट पर मशहूर फ़िलिस्तीनी पत्रकार जमाल रियान ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
रियान ने साफ़ शब्दों में कहा है कि अगर आज इस्राईल ने फ़िलिस्तीनी इलाक़ों पर क़ब्ज़ा कर रखा है तो उसके लिए सऊदी अरब जैसे कुछ ग़द्दार अरब मुल्क ज़िम्मेदार हैं।
ग़ौरतलब है कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात और बहरैन ने हालिया दिनों में इस्राईल से अपने ख़ुफ़िया रिश्तों को काफ़ी हद तक उजागकर किया है और अब यह देश पूरी तरह से इस्राईल को मान्यता प्रदान करने के लिए भूमि तैयार कर रहे हैं।
इसी उद्देश्य के लिए यह अरब देश अपने चाटूकार तथाकथित बुद्धिजीवियों को ऐसे बयान देने का आदेश दे रहे हैं, जिससे अरब जनता में इस्राईल की स्वीकारोक्ति बढ़े।
इस्राईल बचे-खुचे फ़िलिस्तीनी इलाक़ों का भी विलय करने की योजना बना रहा है और वह वेस्ट बैंक के कई महत्वपूर्ण इलाक़ों को अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी इलाक़ों में शामिल करने का एलान भी करने वाला है।
फ़िलिस्तीनी पत्रकार का कहना है कि सऊदी अरब, फ़िलिस्तीन में इस्राईल की उपस्थिति को मज़बूती प्रदान कर रहा है और यह बात बिल्कुल सही है कि अगर सऊदी अरब नहीं होता तो इस्राईल का विनाश हो चुका होता और ज़ायोनी शासन नाम का दुनिया में कोई शासन नहीं होता।
रियान का कहना था कि सऊदी अरब के चेहरे से नक़ाब हट गया है, लेकिन इसके बावजूद फ़िलिस्तीन मुद्दे को लेकर वह हमसे लगातार झूठ बोल रहा है, हालांकि वह फ़िलिस्तीन का इस्राईल और अमरीका के हाथों सौदा कर चुका है।