उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने के लिए मेक इन इंडिया को बल देना ज़रूरी है और भारत ने इस दिशा में कई क़दम उठाए हैं।
उनका कहना था कि हथियारों की लिस्ट को नोटिफाइ किया जाएगा और आयात पर बैन लगाया जाएगा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि हर साल भारत में ही हथियारों का उत्पादन बढ़ाया जाएगा और जो कल-पुर्ज़े आयात करने पड़ते हैं उनका भी उत्पादन देश में ही किया जाएगा।
भारत की वित्तमंत्री ने कहा कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ऑर्गनाइजेशन को निगमीकृत किया जाएगा। उन्होंने बल दिया कि कामकाज में सुधार के लिए निगमीकृत किया जाएगा और निजीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन में एफ़डीआई सीमा को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत किया जा रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पब्लिक प्राइवेट मॉडल पर एयरपोर्ट का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 6 एयरपोर्ट की नीलामी की जाएगी और एयर स्पेस को बढ़ाया जाएगा। भारत की वित्तमंत्री ने कहा कि जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं तो हम इसके अंदर नहीं देख रहे, यह अलगाववादी नीति नहीं है, इसमें भारत को अपनी ताक़त पर भरोसा करना है।
उन्होंने आगे कहा कई क्षेत्रों में नीतियों को सरल बनाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों को यह समझना सरल हो कि इस क्षेत्र से क्या मिल सकता है, लोगों की भागीदारी बढ़े और पारदर्शिता आ सके। हम ऐसा करके किसी क्षेत्र के विकास और नौकरियों को बढ़ावा दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हमने बैंक सुधारों को लेकर फ़ैसला देशहित में लिया। कई सेक्टरों में मजबूती के लिए नीतिगत बदलाव की ज़रूरत है। निर्मला ने कहा कि आज ग्रोथ, निवेश बढ़ाने वाले आर्थिक सुधारों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत कई सेक्टर में नियमों के सरलीकरण और सुधार की आवश्यकता है। (