यमन के मामलों में संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेष दूत ने कहा है कि यमन में युद्धरत पक्षों के मध्य युद्ध विराम के संबंध में ध्यान योग्य सफलता हुई है।
यमन के मामले में सुरक्षा परिषद में होने वाली बैठक में मार्टिन ग्रेफ्थ्स ने दावा कि यमन में युद्धरत पक्षों के मध्य हालिया वार्ता में युद्ध विराम के संबंध में ध्यान योग्य सफलता मिली है।
यमन के मामलों में राष्ट्रसंघ के विदेश दूत ने यमनी जनता के लिए आर्थिक पैकेज को दृष्टि में रखते हुए कहा कि यद्यपि इस पैकेज और दूसरे मानवीय मामलों के संबंध में कुछ मतभेद भी हैं परंतु कोरोना से मुकाबले के लिए इन कार्यवाहियों को व्यवहारिक बनाया जाना भी ज़रूरी है।
उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद युद्धरत पक्षों के प्रतिनिधियों की वार्ता रचनात्मक रही और इन वार्ताओं को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समर्थन प्राप्त है।
यमन के मामलों में राष्ट्र संघ के विशेष दूत ने कहा कि कोरोना वायरस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक व्यवस्था में मंदी आ जाने के कारण यमन की स्थिति पहले से अधिक जटिल हो गयी है। साथ ही उन्होंने यमन के अदन क्षेत्र में होने वाली लड़ाइयों और परिवर्तनों पर चिंता जताई।
ज्ञात रहे कि सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना और यमनी जनता के किसी प्रकार के दोष के बिना सऊदी अरब ने मार्च 2015 से यमन के खिलाफ पाश्विक हमला आरंभ कर रखा है जिसमें अब तक दसियों हज़ार यमनी हताहत व घायल हो चुके हैं और मरने वालों में ध्यान योग्य संख्या महिलाओं और बच्चों की है।
इसी प्रकार सऊदी अरब ने यमन का कड़ा ज़मीनी, हवाई और समुद्री परिवेष्टन कर रखा है जिसके कारण यमनी जनता को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना है और रोचक बात यह है कि मानवाधिकारों की रक्षा का दम भरने वाले अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश सऊदी अरब के मानवता विरोधी अपराधों पर न केवल कुछ नहीं बोल रहे हैं बल्कि उसे आधुनिकतम हथियारों से लैस भी कर रहे हैं और वह इन्हीं हथियारों से यमन की निर्दोष जनता की हत्या व जनसंहार कर रहा है।
इसी प्रकार सऊदी अरब और उसके घटकों के हमलों में यमन की अधिकांश आधारभूत संरचनायें भी तबाह हो चुकी हैं और दवाओं और खाद्य पदार्थों की भारी कमी और सही तरह से उपचार न होने के कारण यमन के हज़ारों अबोध बच्चे मौत की नींद सो चुके हैं।
जानकार हल्कों का मानना है कि जो देश सऊदी अरब को हथियार दे रहे हैं और उसका समर्थन कर रहे हैं और उसके मानवीय अपराधों पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जता रहे हैं वे ही सऊदी अरब के पाश्विक हमलों के जारी रहने और यमनी जनता पर होने वाले अत्याचारों के मूल ज़िम्मेदार हैं।