रोएटर्ज़ की रिपोर्ट के मुताबिक़ सेनेट ने इस प्रस्ताव में ट्रम्प सरकार से मांग की है कि वह अल्पसंख्यक उइग़ुर मुसलमानों के दमन का अधिक कड़ा जवाब दे और चीनी अधिकारियों पर कुछ प्रतिबंध लगाए। रिपब्लिकन सिनेटर मार्को रूबियो ने इस प्रस्ताव का मसौदा सेनेट में पेश करके अल्पसंख्यक उइग़ुर मुसलमानों व चीन के अन्य मुसलमानों का दमन करने के ज़िम्मेदारों के रूप में चीनी अधिकारियों को प्रतिबंधित करने की मांग की थी। अमरीकी सेनेट के इस प्रस्ताव में चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी की कार्यकारी समिति को, इस देश के अल्पसंख्यक मुसलमानों के ख़िलाफ़ मानवाधिकार के घोर हनन के लिए ज़िम्मेदार बताया गया है।
अमरीका की सेनेट का यह प्रस्ताव, जिसे इस देश के दोनों बड़े दलों यानी रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों का समर्थन हासिल है, चीन के ख़िलाफ़ दबाव बढ़ाने की अमरीका की ताज़ा कोशिश है। इससे पहले ट्रम्प ने दुनिया में कोरोना के फैलाव के लिए चीन को दोषी ठहराया था। अमरीका के वित्तमंत्री स्टीवन मनुचेन भी बीजिंग पर आरोप लगाया है कि उसने कोरोना वायरस के बारे में पर्याप्त सूचनाएं नहीं दी हैं। चीन ने हमेशा ही अमरीका के इन आरोपों को रद्द किया है।