10 मई 2020 - 10:43
425 किमी की दूरी के उपग्रह पर सीना पीटने वाले ईरान के दुश्मन, 36,000 किमी ऊंचाई की घोषणा पर क्या करेंगे? ईरान ने घोषणा कर दी

आईआरजीसी की वायु सेना के स्पेस कमांडर जनरल अली जाफ़राबादी ने यह एलान करके ईरान के दुश्मनों की नींद उड़ा दी है कि आने वाले कुछ वर्षों में हम ऑर्बिट में 36,000 किलोमीटर की दूरी पर अपना उपग्रह स्थापित करने जा रहे हैं।

ग़ौरतलब है कि ईरान ने 22 अप्रैल को पृथ्वी के कक्ष में 425 किलोमीटर की दूरी पर सफलतापूर्वक अपना पहला सैन्य उपग्रह लॉन्च किया था, जिसके बाद ईरान के दुश्मनों के होश उड़ गए थे।

आईआरजीसी के कमांडर का कहना था कि अब हम भी ज़मीन पर अपने दुश्मनों की गतिविधियों पर अंतरिक्ष से पैनी नज़र रख सकते हैं।

ईरान की इस महत्वपूर्ण सफलता के बाद, अमरीका और इस्राईल ने इस पर काफ़ी हो-हल्ला मचाया था और इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद तक में उठाने की धमकी दी थी।

अमरीकी और इस्राईली अधिकारियों ने इस बात को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी कि उपग्रह के सफल लॉन्च से ईरान, आधुनिक मिसाइल तकनीक को विकसित कर के अंतर महाद्वीपीय मिसाइल बना लेगा।

निश्चित रूप से जो लोग ऑर्बिट में केवल 425 किलोमीटर की दूरी के लॉन्च पर इतना सीना पीट रहे हैं, उनके लिए 36,000 हज़ार किलोमीटर की घोषणा, किसी परमाणु बम के धमाके से कम नहीं रहेगी।

जनरल जाफ़राबादी का कहना था कि "यह कक्षीय ऊंचाई इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दूरसंचार और टेलीविज़न उपग्रहों से विशेष है, यह बहुत ही रणनीतिक कक्ष है, जहां उपग्रह अधिक स्थिर होते हैं।"

उन्होंने यह भी कहाः नूर उपग्रह की टीम में शामिल क़रीब सभी वैज्ञानिकों की उम्र 30 साल से कम है, जिन्होंने उपग्रह के डिज़ाइन से लेकर, उसे लॉन्च करने और कंट्रोल करने का कारनामा अंजाम दिया है।